Dunia Mere Aage | Morning |
दुनिया मेरे आगे: जीना खुले आकाश में, नई सूचना प्रौद्योगिकी और इंटरनेट के जाल ने बदल दी पूरी नस्ल

अनुमान और आकलन बताते हैं कि सन 2050 में पूरे विश्व में अगली पीढ़ी के जो चेहरे हम देखेंगे, उनके…

Ravivari Vichar Bodh
दुनिया मेरे आगे: पराई धरती का मोह, ‘सेवानिवृत्ति’ शब्द की गरिमा भला ‘रिटायर’ कर देने या छुटकारा पा लेने में कहां

सरकार के सामने बेकारों की कतारें खड़ी हैं। उन्हें निजी क्षेत्र में रोजगार मेले लगा कर काम दे दिया जाएगा।…

Stress life | materialism
दुनिया मेरे आगे: भौतिकवाद और अत्यधिक महत्‍वाकांक्षा के कारण तेजी से बदल रहे हैं जीवन के रंग

जीवन को सतरंगी मानते हुए हमें दूसरों को दुख पहुंचाने के स्थान पर दूसरों को सुख पहुंचाने का प्रयास करना…

cleaness drive| citizen
दुनिया मेरे आगे: नागरिकों में स्‍वच्छता दायित्वबोध विकसित करने की जरूरत

हम व्यवस्थाओं और सुविधाओं की मांग का ढोल पीटना जानते हैं, लेकिन उपलब्ध व्यवस्थाओं से तालमेल बैठाने में लापरवाह हो…

Vichar Bodh | Jansatta Vichar Bodh |
दुनिया मेरे आगे: उम्मीदों की सार्थकता, मेहनत और कोशिशें हमें विपरीत परिस्थितियों में भी देती हैं मुस्कराने का साहस

यह कहना गलत नहीं होगा कि हमारी दुनिया जरूरतों की नींव पर खड़ी हुई है। हम एक दूसरे पर निर्भर…

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