आखों को सात रंगों के संयोजन से बनी यह बेहद रंगीन दुनिया हो सकता है हमेशा देखने को न मिले।
अनुमान और आकलन बताते हैं कि सन 2050 में पूरे विश्व में अगली पीढ़ी के जो चेहरे हम देखेंगे, उनके…
सरकार के सामने बेकारों की कतारें खड़ी हैं। उन्हें निजी क्षेत्र में रोजगार मेले लगा कर काम दे दिया जाएगा।…
अहंकार के भाव में डूबे इंसान को न तो अपनी गलतियां दिखती हैं और न ही दूसरों में अच्छी बातें।…
जीवन को सतरंगी मानते हुए हमें दूसरों को दुख पहुंचाने के स्थान पर दूसरों को सुख पहुंचाने का प्रयास करना…
आज समाज में झूठ का सहारा लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
हम व्यवस्थाओं और सुविधाओं की मांग का ढोल पीटना जानते हैं, लेकिन उपलब्ध व्यवस्थाओं से तालमेल बैठाने में लापरवाह हो…
यह कहना गलत नहीं होगा कि हमारी दुनिया जरूरतों की नींव पर खड़ी हुई है। हम एक दूसरे पर निर्भर…
आज बच्चों को दादी और नानी की कहानियां, बुआ-मौसी की गपशप और गली-मुहल्ले में घूमने-फिरने का आनंद समाप्त हो गया…
प्रकृति में पाए जाने वाले हर जीव की उत्पत्ति किसी न किसी उद्देश्य को लेकर हुआ है।
आज हर शख्स जल्दी में है, किसी को न तो अपनी जान की परवाह है और न ही दूसरे की…
मनुष्य जीवन में कोई न कोई चुनौती तो हमारे सामने हमेशा ही रहेगी।