अपने भीतर के बच्चे को पालने-पोसने का केवल एक ही तरीका है। अकेला एक ही शख्स परवरिश और देखभाल कर…
‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम’ भारत में पशुओं के खिलाफ क्रूरता को रोकने के लिए 1960 में लाया गया था।
142 देशों में किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि पंद्रह वर्ष और उससे अधिक उम्र के चौबीस फीसद लोगों…
जीवन में लक्ष्य होने से मनुष्य को मालूम होता है कि उसे किस दिशा की ओर जाना है। वास्तव में…
संविधान की आठवीं अनुसूची की भाषाओं को इस कृत्रिम मेधा आधारित प्रणाली में जोड़ना शोधकर्ताओं की प्राथमिकता है।
दुनिया में जितने शब्द हैं, उन सभी का उद्देश्य यही है कि हम स्वयं को बेहतर ढंग से समझ सकें।…
आज संतोष और संयम पर आधारित पुराने मूल्य खंडित हो रहे हैं। इनके स्थान पर भोगवाद प्रबल हो रहा है।…
किसी भी तरह का काम जब सही उद्देश्य और नजरिए के साथ किया जाता है, तब वह एक बड़ा बदलाव…
सन 1981 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किए गए एक अनुसंधान के अनुसार हमारा मस्तिष्क दो हिस्सों में बंटा होता…
आज भी देश के कई हिस्सों में लोग बरसात के पानी के भरोसे अपना जीवनयापन कर रहे हैं।
अक्सर ऐसा ही होता है जब हम कोई नया काम शुरू करने को होते हैं, तो उसमें हिम्मत बंधाने वाले…
मानव जीवन के उच्चतर आनंद का अनुभव उन्हीं लोगों के लिए संभव है, जिन्होंने तप और अभ्यास के द्वारा अपने…