कई बार अहं और अहंकार के बीच एक कड़ी होती है, जो दोनों को जोड़े रखती है। जब हम कहते…
प्रेम को कई बार कमजोर की निशानी मान लिया जाता है। जबकि प्रेम सिर्फ साहस की निशानी है। किसी को…
प्रेम में क्रोध, रूठने-मनाने के ये भाव भी उतने ही नैसर्गिक हैं, जितने कि समर्पण के भाव। प्रेम जितना गहरा…
आज का मनुष्य ‘सैद्धांतिक आसमान’ यानी ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ से गिरकर ‘खजूर पर’ यानी ‘मानव केंद्रित’ भी नहीं रह सका, बल्कि…
आधुनिक पीढ़ी प्रतिस्पर्धात्मक जीवन जी रही है। ऐसे लोग पिछले दिन की असफलता के साथ सुबह देर तक अवसाद में…
उम्मीद हमेशा एक छोटी किरण जितनी ही सही, सर्द बर्फ को पिघलाने में समर्थ होती है। इसलिए यह नहीं है…
अब आपसी संवाद का माध्यम चिट्ठी-पत्री की जगह वाट्सएप, मैसेंजर, ई-मेल आदि ने ले लिया है।
दिन-रात किसी को कोसने की जगह अपने होठों की उस लाली को महसूस करने की जरूरत है जो झलकाती है…
कभी भी किसी ईमानदार आदमी को अपने स्वभाव और काम का प्रचार नहीं करना पड़ता। उसकी प्रशंसा अपने आप फैलती…
जमाना बदल रहा है। हमारे समाज के आधुनिक और व्यवसायी होते जाने के साथ-साथ यह शोषण का ठेका व्यवसाय भी…
खुश रहने के लिए सबसे पहले खुद को समय देना और स्वयं से प्यार करना आरंभ करना चाहिए। जो अपना…
दुनिया में जिसने भी अपने मन को साध लिया, उसके लिए हर लक्ष्य आसान हो जाता है। मन की एकाग्रता…