जब से इंटरनेट का जमाना आया है, तब से सब एकल परिवारों में भी एकांत में रहना पसंद करने लगे…
थाली में परोसे गए भोजन को बर्बाद करने वाला समाज का वह कौन-सा तबका होता है? और कौन-सा तबका होता…
लोग किसी भी तरह ज्यादा पैसा कमाते हैं, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक, नैतिक और सार्वजनिक गुस्ताखियां करते हैं, वे सफल…
धैर्य वाला इंसान, आत्मविश्वास की नाव पर सवार होकर मुसीबत की हर नदी को सफलता से पार कर सकता है।…
कृतिक स्वतंत्रता घातक बिल्कुल भी नहीं है। अगर व्यक्ति स्वतंत्रता के साथ भावनाओं को भी जीवन में स्थान देगा तो…
होली के हुड़दंग में मन की कुंठा, ईर्ष्या बैर, भेद, ऊंच-नीच की भावना, अमीर-गरीब का अंतर सबकी होली जल जाती…
इंद्रधनुषी रंगों से भरे पल हमारी जिंदगी की खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ हममें नई ऊर्जा भरते हैं।
सकारात्मक भावनाओं की मौजूदगी, नकारात्मक भावनाओं से दूरी और जीवन के प्रति संतुष्टि ही खुशी है।
सुखी वैवाहिक जीवन को सुनिश्चित करने के लिए खर्चीले वैवाहिक समारोह नहीं, बल्कि समर्पण की शिक्षा देना उचित है।
देने वाले में अगर सामर्थ्य है तो लेन-देन की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। मगर गुंजाइश और गुजारिश में सामंजस्य…
डाकघर के आसपास अपनापे की सुगंध हुआ करती थी, जिससे हर कोई सुवासित होता रहता था। वहां जाते ही हम…
हम अपने मूल्यों को अपने कार्यों की सूची में नहीं रख सकते हैं, लेकिन उन कार्यों को अपने कार्यों की…