यमुना में डूबी दिल्ली; पीड़ितों ने कहा, ‘मुख्यमंत्री आईं, देखकर चली गईं’

दिल्ली में यमुना नदी के खतरे के निशान को पार करने के बाद, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रातों रात निकाला गया, लेकिन राहत देर से पहुंचीं। द इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकार समीक्षा मिश्रा की ग्राउंड रिपोर्ट में प्रभावित परिवारों की पीड़ा और उनकी निराशा उजागर हुई है। लोग हर साल होने वाली इस आपदा से त्रस्त हैं और सवाल उठा रहे हैं कि सरकार स्थायी समाधान

कब लाएगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आश्वासन दिए, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि सुविधाएं अपर्याप्त हैं और प्रशासन की लापरवाही के कारण उनकी मुश्किलें बढ़ रही हैं। टेंट, भोजन और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने लोगों को भूख और असुरक्षा के बीच जीने को मजबूर कर दिया है।

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