Nagpur Violence: नागपुर हिंसा के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आदित्य ठाकरे ने राज्य सरकार पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दावा किया कि फडणवीस सरकार के एक नेता ने हिंसा भड़काने की साजिश रची ताकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की छवि धूमिल की जा सके। ठाकरे का बयान विपक्ष के उस दावे को मजबूत करता है कि यह हिंसा सुनियोजित थी। इस बीच, डिप्टी सीएम अजीत पवार ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि भारत, जो विविधता से भरा देश है, किसी भी समुदाय को डराने-धमकाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं करेगा। पवार का बयान उनकी पार्टी की पारंपरिक अल्पसंख्यक नीति के अनुरूप देखा जा रहा है। विपक्ष नागपुर हिंसा को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोल रहा है, आरोप लगाए जा रहे हैं कि इसके पीछे समाज को बांटने वाली ताकतें सक्रिय थीं। वहीं, माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ सदस्यों पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिनमें एक प्रमुख नाम फ़हीम ख़ान का है, जिन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया जा रहा है।
