2022 के आस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रही बसपा अब फिर से पुराने रणनीति पर लौट आई है. इसकी कुछ वजहें हैं. हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, जिसमें मायावती ने उत्तर प्रदेश चुनावों में बहुजन समाज पार्टी की हार के कारणों की व्याख्या की, उन्होंने अपने उम्मीदवारों को छोड़ने के लिए अपने समर्थकों को दोषी ठहराया, उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के मुस्लिम मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए
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