RTI Files Episode 2 Delhi Pollution : बारिश के बाद दिल्ली AQI 294, सांस लेना अब भी खतरनाक ?

विशेषज्ञ कारणों और मॉडलों पर बहस कर रहे हैं, दिल्लीवासी एक बार फिर प्रदूषण संकट में फंसे रहे। त्वरित उपाय जैसे पानी छिड़काव या GRAP के चरण असफल साबित हुए।इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समाधान लागू करने से पहले उत्सर्जन के सटीक वैज्ञानिक स्रोतों की पहचान जरूरी है। CPCB के अनुसार, दो दिनों के मॉडरेट AQI के बाद अब कुल AQI 'पुअर' 294 पर पहुंच गया है। IMD ने सुबह, दोपहर और शाम के लिए बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया है, जो कुछ राहत दे सकता है, लेकिन समस्या जड़ से बनी हुई है।

दिल्ली की हवा आमतौर पर मध्य जनवरी तक साफ होने लगती है, लेकिन इस साल ऐसा नहीं हुआ। इस बार राहत में लगभग 10 दिन की देरी हुई। इस अजीब सर्दी में नवंबर का प्रदूषण चरम भी आगे खिसक गया, पराली जलाना पहले शुरू हो गया और कोहरा भी जल्दी आ गया। ठीक उस समय जब आमतौर पर राहत मिलती है, दिल्ली फिर से गंभीर AQI की चपेट में आ

गई। लोग सांस लेने में तकलीफ महसूस कर रहे थे।वैज्ञानिकों का कहना है कि यह देरी जलवायु परिवर्तन, ENSO-न्यूट्रल स्थितियों और उत्तर भारत में असामान्य रूप से गीले मानसून से जुड़ी है। इन कारकों ने मौसम के पैटर्न को बिगाड़ दिया है, जिससे प्रदूषण फंसकर रह गया।

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