Aadhaar Card, Unique Identification Authority of India, UIDAI:आधार कार्ड बेहद ही महत्वपूर्ण दस्तावेज है। आधार कार्ड में एक यूजर की बॉयोमेट्रिक और डेमोग्राफिक जानकारियां दर्ज होती है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) द्वारा जारी होने वाले आधार कार्ड में यूजर को 12 अंकों का एक यूनिक नंबर भी दिया जाता है।

अक्सर देखने को मिलता है जब आधार कार्ड गुम हो जाता है या चोरी हो जाता है। ऐसे में कई लोग बेपरवाह हो जाते हैं और एफआईआर दर्ज नहीं करते।

लोग इस कार्ड के खो जाने पर असमंजस में रहते हैं कि उसकी पुलिस में शिकायत करवाएं या फिर नहीं। ऐसा करना एक कार्डधारक के लिए काफी नुकासनदेह साबित हो सकता है। आधार कार्ड खो जाने के बाद या फिर चोरी हो जाने के बाद एफआईआर दर्ज करवाना जरूरी होता है।

ऐसा करने के बाद आपके कार्ड से किसी तरह का फ्रॉड या आपके साथ किसी तरह की जालसाली होती है तो आप एफआईआर की मूल कॉपी के जरिए यह साबित कर सकते हैं कि आपका कार्ड गुम या चोरी हो गया था।

यानी एफआईआर भविष्य में पैदा होने वाली समस्याओं से किसी को भी बचा सकती हैं। ऐसे में यह छोटा सा कदम आपको आगे आने वाली बड़ी समस्या से बचा सकता है। अगर एफआईआर कराने के बाद भी आधार का गलत इस्तेमाल किया जाता है, तब पुलिस शिकायतकर्ता को खुद-ब-खुद संपर्क करेगी और आगे की जांच करेगी।