यूनिक आईडेंटिफिकेश अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) आधारा कार्ड जारी करती है। यूआईडीएआई एटीएम कार्ड की तरह वॉलेट में फिट होने वाले पीवीसी आधार कार्ड जारी कर रही है। इस नए फॉर्मेंट के आधार कार्ड के जारी होने के बाद से लोगों के मन में सवाल हैं कि क्या आधार कार्ड के पुराने फॉर्मेंट मान्य हैं या नहीं।
इस संबंध में हाल में यूआईडीएआई ने स्पष्टीकरण दिया था कि आधार के अन्य दो फॉर्मेट भी पहले की तरह ही मान्य हैं। आधार के अन्य दो फॉर्मेंट की बात करें तो यह आधार लैटर और ई-आधार है जो कि पीवीसी आधार कार्ड की तरह ही मान्य हैं।
आधार के इन तीनों ही फॉर्मेट की अलग-अलग खासियतें हैं। सबसे पहले बात करें आधार-लेटर की तो यह आधार के लिए आवेदन करने के बाद पोस्ट के जरिए आप के घर भेजा जाता है। आधार बनने में 90 दिन तक का समय लगता है। आधार के बन जाने पर, आपको रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर पर संदेश भी प्राप्त होगा (अगर नामांकन के दौरान मोबाईल नंबर दिया गया हो)।
वहीं बात करें ई-आधार की तो की बार ऐसा होता है कि आधार लेटर के लिए आवेदन करने के बाद कई दिनों तक आधार बनकर नहीं आता। ऐसे में यूआईडीएआई कार्डधारकों को यह सहुलियत देता है कि वह आधार लेटर की सॉफ्ट कॉपी डाउनलोड कर सकें। यह भी आधार लेटर की तरह ही मान्य होती है। इसका फायदा यह है कि कार्डधारक को हमेशा अपने साथ फिजिकल कॉपी लेकर चलने की झंझट से मुक्ति मिल जाती है।
वहीं बात करें पीवीसी आधार कार्ड की तो यह लेटेस्ट सिक्योरिटी फीचर्स वाला कार्ड है। इसके साथ ही यह प्लास्टिक कार्ड की फॉर्म में आता है और इसका साइज एक डेबिट कार्ड की तरह होता है। इसकी प्रिटिंग क्वालिटी भी बेहतर होती है इसलिए यह सालों साल चल सकता है।
लैमिनेट होने की वजह से इसके माइक्रोटेक्स्ट वक्त के साथ धुंधले नहीं पड़ेंगे। इसमें होलोग्राम, घोस्ट इमेज और माइक्रोटेक्स्ट है ये सभी इसकी सुरक्षा को पुख्ता करते हैं। बता दें कि आधार से जुड़ी सेवाओं के लिए आप सिर्फ अधिकृत सेवा केंद्र या स्थायी नामांकन केंद्र ही जाएं।
