State Bank of India: अक्सर ऐसा होता है कि हमें तत्काल पैसों की जरूरत होती है लेकिन कोई भी रिश्तेदार या फिर दोस्त हमारी मदद करने के लिए राजी नहीं होता। ऐसे में हम या तो ब्याज पर पैसे ले लेते हैं या फिर अपने फिक्स डिपॉजिट (एफडी) में जमा रकम को निकलवा लेते हैं। हालांकि एफडी में मैच्योरिटी से पहले रुपए निकालने पर पेनाल्टी लगती है।
अगर आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के ग्राहक है और आप एफडी मैच्योरिटी से पहले कुछ रकम निकलना चाहते हैं तो बैंक ने इसके लिए कुछ नियम बनाए हैं। बैंक की कॉर्पोरेट वेबसाइट sbi.co.in के मुताबिक अगर कोई ग्राहक एक करोड़ की एफडी की मैच्योरिटी से पहले पैसा निकलवाता है तो उससे 1 फीसदी पेनल्टी वसुली जाती है।
अगर कोई ग्राहक एफडी का प्री-मैच्योर विद्ड्रॉल करवाता है तो उसपर पेनल्टी अलग-अलग डिपॉजिट के अनुसार अलग-अलग लगेगी। एसबीआई के मुताबिक अगर कोई ग्राहक पांच लाख तक की एफडी पर प्री-मैच्योर विड्रॉल करवाता है तो उसे सभी मैच्योरिटी पर 0.50 प्रतिशत की पेनल्टी देनी पड़ती है। इसके अलावा बैंक ने 5 लाख से ऊपर और 1 करोड़ से नीच तक की एफडी पर एक फीसदी की पेनल्टी तय की है।
बता दें कि एसबीआई ने 2017 में एफडी समय से पहले ब्रेक करने पर पेनल्टी के लिए नए नियम लागू किए थे। बैंक ने एफडी कराने वाले कस्टमर्स को राहत दी थी। मार्च 2017 तक बैंक सभी तरह की एफडी पर एक फीसदी पेनल्टी लेता था।
बता दें कि एफडी में ग्राहक एक तय रकम पहले से तय समय के लिए बैंक में जमा करते हैं, जिस पर बैंक एक तय रिटर्न देता है। हालांकि कुछ परिस्थितियों में लोगों को अपनी एफडी तय समय से पहले ब्रेक करने की जरुरत पड़ती है। ऐसी परिस्थिति में एसबीआई बैंक अपने ग्राहकों से पेनल्टी के रुप में कुछ रकम वसूलता है।

