कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच रेलवे अब धीरे-धीरे ट्रेनों का संचालन और इनकी संख्या को बढ़ा रहा है। भारतीय रेलवे ने आखिरकार 22 मई (शुक्रवार) से ऑफलाइन टिकट बेचने का एलान किया है।
देश के लगभग 1.7 लाख कॉमन सर्विस सेंटर्स पर उपलब्ध यह सुविधा उपलब्ध होगी। रेल मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक नई 200 पैसेंजर ट्रेनों के लिए ढाई घंटे में ही 4 लाख ट्रेन टिकट बुक हो गए। उन्होंने कहा है कि स्टेशन पर भी जल्द टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू होगी। इसमें 2-3 दिन का समय लग सकता है।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने प्रवासी मजदूरों को रेल यातायात के जरिए घर भेजने में आ रही दिक्कतों के लिए कुछ राज्यों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा है कि कुछ राज्यों ने प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों में वापस भेजने के लिए विशेष ट्रेनें चलाने के लिए हमारे साथ सहयोग नहीं किया। मेरा अनुमान है कि पश्चिम बंगाल में ही करीब 40 लाख प्रवासी मजदूर अपने गृह राज्य लौटना चाहते हैं लेकिन ममता सरकार की मंजूरी के बाद केवल 27 विशेष ट्रेनें ही राज्य में प्रवेश कर सकी हैं।
रेलवे के मुताबिक इन 200 नई पैसेजेंर ट्रेनों का संचालन एक जून से किया जाएगा। ये ट्रेनें एसी स्पेशल और श्रमिक ट्रेनों से बिल्कुल अलग हैं क्योंकि इनमें सभी प्रकार के कोच के लिए टिकट की बुकिंग हो रही है।
Continuation and final part (2/2) pic.twitter.com/dUWsppqNle
— Central Railway (@Central_Railway) May 20, 2020


रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, ‘‘हम और ट्रेनों को चलाने की जल्द ही घोषणा करेंगे।’’ रेल मंत्री ने कहा, ‘‘हमें भारत को सामान्य स्थिति की ओर ले जाना है। हम उन स्टेशनों की पहचान करने का प्रोटोकॉल बना रहे हैं जहां काउंटरों को खोला जा सकता है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि काउंटरों पर टिकट बुक कराने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित न हों इसलिए हम स्थिति का आकलन कर रहे हैं और इसके लिए प्रोटोकॉल बना रहे हैं।’’
महाराष्ट्र सरकार के अंतर जिला यात्रा पर रोक लगा देने के बाद, रेलवे ने बृहस्पतिवार को उन विशेष ट्रेनों के सभी यात्रियों के टिकट रद्द कर दिये, जिन्हें राज्य के भीतर ही एक स्थान से दूसरे स्थान जाना था। रेलवे ने बृहस्पतिवार को जारी एक आदेश में कहा कि एक जून से महाराष्ट्र में चलने वाली विशेष ट्रेनों के ऐसे यात्रियों की टिकटें स्वत: रद्द हो जायेंगी और यात्रियों को पूरा पैसा लौटाया जायेगा। इसमें यह भी कहा गया है कि अगले आदेश तक महाराष्ट्र में राज्य के अंदर बुकिंग की अनुमति नहीं दी जानी चाहिये । रेलवे के एक प्रवक्ता ने हालांकि कहा कि इसका यह मतलब नहीं है कि महाराष्ट्र के स्टेशनों से ट्रेने नहीं चलेंगी ।
रेलवे बोर्ड ने बृहस्पतिवार को एक आदेश में कहा कि 22 मई से चुनिंदा स्टेशनों पर टिकट आरक्षण काउंटर खोल दिए जाएंगे। आदेश में कहा गया है कि रेलवे शुक्रवार से टिकट एजेटों के जरिए सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) से टिकटों के आरक्षण की भी अनुमति देगा। आदेश में कहा गया है कि क्षेत्रीय रेलवे को हिदायत दी गई है कि वे स्थानीय जरूरतों और शर्तों के अनुसार आरक्षण काउंटर खोलने का निर्देश दें। ये बुकिंग काउंटर और सीएससी 25 मार्च को लॉकडाउन लागू होने के बाद से बंद हैं।
रेल मंत्री ने श्रमिक विशेष ट्रेनों को चलाने में रेलवे का सहयोग करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की भी प्रशंसा की तथा सहयोग न करने के लिए पश्चिम बंगाल और झारखंड की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अभी तक रेलवे पश्चिम बंगाल में केवल 27 ट्रेनें ही चला सका है और आठ-नौ मई तक केवल दो ट्रेनें वहां पहुंच पाई। झारखंड में केवल 96 ट्रेनें चलाई गई जबकि राजस्थान में अभी तक 35 ट्रेनें गई हैं।
कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन के बीच 125 करोड रूपये की अनुमानित लागत वाली देहरादून रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना के लिए रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) ने बोली- पूर्व की ऑनलाइन बैठक की जिसमें जीएमआर ग्रुप, महिंद्रा लाइफस्पेस तथा अडानी रोड ट्रांसपोर्ट जैसी देश की 22 जानी मानी कंपनियों ने भाग लिया।
गुजरात में फंसे नौ लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूरों को विशेष श्रमिक ट्रेनों के जरिए उनके गृह राज्यों में भेजा गया है। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के सचिव अश्विनी कुमार ने बृहस्पतिवार को बताया कि लॉकडाउन की वजह से फंसे प्रवासी मजदूरों को कम से कम 633 श्रमिक ट्रेनें गुजरात से अन्य राज्य लेकर गई हैं। उन्होंने बताया कि रेलवे ने 2,023 श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाई हैं, जिनमें से 633 बुधवार आधी रात तक गुजरात से रवाना हुईं और 9.18 लाख प्रवासी कामगारों को उनके गृह राज्य लेकर गई हैं। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा श्रमिक विशेष ट्रेनें गुजरात से रवाना हुईं। इसके बाद महाराष्ट्र से 371, पंजाब से 247 ट्रेनें रवाना हुईं।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 1 मई से श्रमिक विशेष ट्रेनें शुरू करने वाले रेलवे ने तब से ऐसी 2,050 ट्रेनें चलाईं जिनमें करीब 30 लाख प्रवासियों, छात्रों और अन्य फंसे लोगों को ले जाया गया। रेल मंत्री ने श्रमिक विशेष ट्रेनों को चलाने में रेलवे का सहयोग करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की भी प्रशंसा की तथा सहयोग न करने के लिए पश्चिम बंगाल और झारखंड की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अभी तक रेलवे पश्चिम बंगाल में केवल 27 ट्रेनें ही चला सका है और आठ-नौ मई तक केवल दो ट्रेनें वहां पहुंच पाई। झारखंड में केवल 96 ट्रेनें चलाई गई जबकि राजस्थान में अभी तक 35 ट्रेनें गई हैं।
लॉकडाउन के चलते अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फंसे जम्मू-कश्मीर के लगभग 83,334 लोगों को गृह राज्य वापस लाया गया है। जिनमें 63,109 निवासी सड़क मार्ग से वापस आए, 19,724 लोगों को COVID19 स्पेशल श्रमिक ट्रेन से तो 501 यात्री विशेष उड़ानों के माध्यम के जरिए जम्मू-कश्मीर वापस लाए गए हैं। जम्मू कश्मीर के डिपार्टमेंट ऑफ इन्फॉर्मनेशन एंड पब्लिक रिलेशंस ने यह जानकारी साझा की।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि रेलवे द्वारा 1 जून से 200 नॉन एसी ट्रेनों की शुरुआत की जायेगी, जो समय सारणी के अनुसार चलेंगी। यात्री इन ट्रेनों के लिये केवल ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे। इन सेवाओं के शुरु होने से नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी, और उन्हें अपने गंतव्य स्थानों तक पहुंचने में सुविधा होगी।
बंगाल की खाड़ी की ओर से आ रहा चक्रवात अम्फान अब प्रवासी मजदूरों के लिए भी आफत बन सकता है। रेलवे ने चक्रवात अम्फान के मद्देनजर, कई ट्रेनों का सफर रद्द कर दिया है। इनमें ओडिशा से चलने वाली सभी श्रमिक स्पेशल ट्रेनें और हावड़ा से दिल्ली रूट पर चलने वाली एक एसी स्पेशल ट्रेन शामिल है। इससे पहले भुवनेश्वर-दिल्ली-भुवनेश्वर एसी स्पेशल ट्रेन को भी रद्द कर दिया गया था।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक जून से 12 पैसेंजर ट्रेनें चलेंगी। इनमें शहीद एक्सप्रेस, सरयू-यमुना एक्सप्रेस, अवध एक्सप्रेस, लखनऊ मेल, गोमती एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, गोरखधाम एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, सप्तक्रांति एक्सप्रेस, सुहेलदेव एक्सप्रेस और बिहार सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस भी शामिल हैं।
Indian Railway के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान रद्द हुई ट्रेनों के टिकटों का रिफंड किया जा रहा है। हालांकि मीडिया में जारी खबरों के मुताबिक IRCTC के एजेंटों के बुक टिकटों का रिफंड अधर में लटका हुआ है।
Indian Railway के मुताबिक सिर्फ कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही रेलवे स्टेशन में एंट्री की इजाजत होगी। रेलवे के मुताबिक स्क्रीनिंग के बाद ही यात्री को ट्रेवल करने की इजाजत दी जाएगी।
रेल मंत्री ने कहा है कि आने वाले कुछ दिनों में ट्रेनों की संख्या में और बढ़ोतरी की जाएगी। रेल मंत्री ने कहा है कि कुछ राज्य ट्रेनों के संचालन में सहयोग नहीं कर रहे।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को ट्वीट कर जानकारी दी है कि भारतीय रेलवे द्वारा अब तक कुल 2,050 से अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को संचालन किया जा चुका है, जिससे 30 लाख से अधिक कामगार अपने गृह राज्य पहुंच सके है। सरकार सभी श्रमिकों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए कृतसंकल्पित है।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने प्रवासी मजदूरों को रेल यातायात के जरिए घर भेजने में आ रही दिक्कतों के लिए कुछ राज्यों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा है कि कुछ राज्यों ने प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों में वापस भेजने के लिए विशेष ट्रेनें चलाने के लिए हमारे साथ सहयोग नहीं किया। मेरा अनुमान है कि पश्चिम बंगाल में ही करीब 40 लाख अपने गृह राज्य लौटना चाहते हैं लेकिन ममता सरकार की मंजूरी के बाद केवल 27 विशेष ट्रेनें ही राज्य में प्रवेश कर सकी हैं।
गुरुवार को रेलवे ने 200 पैसेंजर्स ट्रेनों के लिए टिकट बुकिंग शुरू की। रेलवे ने आज जिन नई पैसेंजर ट्रेनों के लिए टिकट बुकिंग की शुरुआत की उनमें बुकिंग करवाते वक्त लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर लोगों ने IRCTC और इंडियन रेलवे को टैग करते हुए इस बात का जिक्र भी किया। लोगों ने आईआरसीटीसी के सर्वर को लेकर निराशा जाहिर की।
लोगों ने कहा कि उनके रूट की ट्रेनों का विकल्प ही नजर नहीं आ रहा था। इसके साथ ही रिग्रेट का ऑप्शन भी नजर आया। हालांंकि कुछ ही मिनटों में कई ट्रेनों की सीट फुल हो गईं। हालांकि IRCTC ने इस बात से इनकार करते हुए ट्वीट कर कहा कि टिकट बुकिंग के दौरान सबकुछ सामान्य रहा।
रेलवे ने आज जिन 200 नई पैसेंजर ट्रेनों के लिए टिकट बुकिंग की शुरुआत की उनमें बुकिंग करवाते वक्त लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर लोगों ने IRCTC और इंडियन रेलवे को टैग करते हुए इस बात का जिक्र भी किया। लोगों ने आईआरसीटीसी के सर्वर को लेकर निराशा जाहिर की। लोगों ने कहा कि उनके रूट की ट्रेनों का विकल्प ही नजर नहीं आ रहा था।
रेलवे ने बताया है कि एक मई से 1,813 ''श्रमिक विशेष'' ट्रेनें चलाई जा चुकी हैं, जिनके जरिए 22 लाख से अधिक प्रवासियों को उनके घर पहुंचाया जा चुका है।
रेलवे ने आज जिन 200 ट्रेनों के लिए टिकट बुकिंग की शुरुआत की है इनमें सिर्फ ई-टिकटिंग की सुविधा है। यानि की यात्रियों को IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या फिर मोबाइल एप के जरिए ही ऑनलाइन टिकट बुक करनी होगी।
वेस्टर्न रेलवे ने गुरुवार को जानकारी दी है कि 20 मई, 2020 को पश्चिम रेलवे द्वारा प्रवासी श्रमिकों को राहत देने के लिए 91 श्रमिक स्पेश ट्रेनें चलायीं, जो अब तक एक दिन में सर्वाधिक हैं। अब तक पश्चिम रेलवे 722 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलायी जा चुकी हैं।
Indian Railway के मुताबिक सिर्फ कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही रेलवे स्टेशन में एंट्री की इजाजत होगी। रेलवे के मुताबिक स्क्रीनिंग के बाद ही यात्री को ट्रेवल करने की इजाजत दी जाएगी।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, 1 जून से चलने वालीं ट्रेनों का किराया सामान्य ही होगा, लेकिन जनरल कोच में सीट बुक करने के लिए भी स्लीपर का किराया देना होगा। रेलवे ने कहा है कि सभी यात्रियों को सीट मिलेगी यानी कोई वेटिंग नहीं होगी। कोई भी यात्री वेटिंग टिकट पर यात्रा नहीं कर पाएगा। किसी भी तरह से अनारक्षित टिकट नहीं मिलेगा और न ही तत्काल टिकट की कोई व्यवस्था है।
टिकट बुकिंग के दौरान लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। लोगों ने शिकायत की टिकट बुकिंग करते वक्त वेबसाइट काफी धीमी चल रही थी। सोशल मीडिया पर IRCTC और Indian Railway को टैग कर लोगों ने यह शिकायत की। हालांकि रेलवे की तरफ से कहा गया कि वेबसाइट एकदम सही चल रही है।
इंडियन रेलवे इन ट्रेनों का एडवांस रिजर्वेशन पीरियड 30 दिन का है ऐसे में यात्री 1 महीने पहले टिकट बुक कर सकते हैं
रेलवे के मुताबिक लॉकडाउन में भारतीय रेल अपने घर से दूर हो गए नागरिकों को बड़ी राहत पहुंचा रही है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के हबीबगंज से रीवा के लिए ट्रेन द्वारा श्रमिक और छात्र अपने घर के लिये रवाना हुए। स्टेशन पर उनकी स्क्रीनिंग, सोशल डिस्टेंसिंग जैसी सभी सावधानियों के साथ उन्हें घर भेजा गया। देखें वीडियो: -
सभी यात्रियों की ट्रेन में यात्रा से पहले स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। बिना स्क्रीनिंग के कोई यात्रा नहीं कर पाएगा। वहीं इन 200 पैसेजेंर ट्रेनों के अलावा जो स्पेशल ट्रेन चल रही हैं, वह चलती रहेंगी।