केंद्र सरकार ने पैसों के लेन-देन के लिए पैन कार्ड के जगह आधार कार्ड का नंबर देने का विकल्प दिया है। हालांकि आधार के जरिए लेन-देन के दौरान खासी सतर्कता बरतने की जरुरत होगी, चूंकि अगर इसके लिए आधार का गलत नंबर दिया गया तो आपको दस हजार रुपए का जुर्माना देना पड़ सकता है। खबर के मुताबिक संबंधित प्रावधान और अधिसूचना जारी होने के बाद दंडात्मक प्रावधान एक सितंबर, 2019 से लागू होने की उम्मीद है। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि दस्तवेजों में आधार नंबर सही नहीं होने पर इसे प्रमाणित करने वाले को भी दस हजार रुपए का जुर्माना देना होगा। हालांकि इसमें एक प्रावधान यह भी होगा कि जुर्माने की रकम अदा करने से पहले संबंधित व्यक्ति की दलील भी सुनी जाएगी।
एक अधिकारी ने बताया कि मौजूदा कानून को पांच जुलाई की बजट घोषणा के अनुरूप संशोधित किया जाएगा, जिसमें पैन कार्ड की जगह आधार के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी। इस कानून को लागू करने के लिए धारा 272B में संशोधन किया जाएगा। एक्सर्ट के मुताबिक इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 272B में पैन कार्ड के इस्तेमाल से संबंधित उल्लंघनों पर दंडात्मक प्रावधान है।
बता दें कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था कि 1.2 अरब से अधिक भारतीयों के पास आधार कार्ड हैं। इसकी तुलना में केवल 22 करोड़ पैन कार्ड हैं। करदाता पैन नंबर ना होने पर आधार कार्ड नंबर से आयकर रिटर्न भर सकते हैं। बैंक खाता खोलने, क्रेडिट या डेबिट कार्ड के लिए आवेदन करने, होटल व रेस्तरां बिलों का भुगतान करने के लिए आधार नंबर इस्तेमाल कर सकते हैं।
