Aadhaar, UIDAI: आधार कार्ड एक बेहद ही महत्वपूर्ण ही सरकारी दस्तावेज है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) द्वारा जारी होने वाले इस कार्ड में यूजर्स की बॉयोमेट्रिक और डेमोग्राफिक जानकारियां दर्ज होती हैं। हर कार्ड पर 12 अंकों का यूनिक नंबर भी दिया जाता है।

आधार कार्ड की सुरक्षा को लेकर अक्सर लोगों के मन में कई तरह के सवाल होते हैं। कार्डधारक आधार नंबर शेयर करते वक्त अक्सर असमंजस की स्थिति में होते हैं। कार्डधारकों के मन में अक्सर यह सवाल होता है कि क्या आधार नंबर शेयर करने से उनके साथ किसी तरह की धोखाधड़ी हो सकती है है या नहीं? यूआईडीएआई के मुताबिक सिर्फ आधार कार्ड नंबर शेयर करने से आपकी निजी जानकारी चोरी नहीं हो सकती है।

यूआईडीएआई के मुताबिक आधार से जुड़े फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन के लिए वेरिफिकेशन होता है, और इसके लिए बायोमैट्रि‍क या मोबाइल ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) की जरूरत होती है। इनके बिना धोखाधड़ी नहीं की जा सकती।
यानी जब तक आपके आधार नंबर के साथ ये दोनों चीजें किसी के पास नहीं होगी तब तक आपके साथ किसी तरह की धोखाधड़ी को अंजाम नहीं दिया जा सकता।

अक्सर लोगों के मन में इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति रहती है कि क्या आधार के यूनिक नंबर के जरिए बैंक खाता हैक हो जाता। वह भ्रम की स्थिति में रहते हैं कि आधार की जानकारी चुराकर हैकर्स सीधा उनके खाते में सेंध लगा सकते हैं। यूआईडीएआई के मुताबिक ऐसा कतई संभव नहीं है। सिर्फ आधार नंबर लीक होने से खाते में सेंध नहीं लगाई जा सकती।