आधार कार्ड एक बेहद ही अहम दस्तावेज है। आधार कार्ड में एक यूजर की कई जानकारियां दर्ज होती हैं। आधार कार्ड जारी करने वाली संस्था यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) यूजर से डेमोग्राफिक और बॉयोमेट्रिक जानकारी हासिल करती है। आधार कार्ड में हर यूजर को एक यूनिक नंबर दिया जाता है।
आधार कार्ड में यूनिक नंबर की जानकारी को लेकर यूजर में बहुत असमंजस की स्थिति रहती है। अक्सर आधारकार्डधारक इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि आधार नंबर लीक होने से उनके बैंक खाते में सेंध लग सकती है।इसपर कई तरह की बातें सुनने को मिलती है।
यूआईडीएआई लोगों के इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए कई मौकों पर इस पर सफाई दे चुकी है। संस्था के मुताबिक आधार नंबर लीक होने से किसी के भी बैंक खाते के साथ धोखाधड़ी नहीं की जा सकती। सिर्फ आधार संख्या की जानकारी से कोई आपको नुकसान नहीं पहुंचा सकता।
महज आधार या उसकी जानकारी हासिल कर कोई आपके बैंक अकाउंट से पैसे नहीं निकाल सकता है। ऐसा करने के लिए कई तरह की जानकारियां चाहिए होती है मसलल हस्ताक्षर, डेबिट कार्ड, पिन या ओटीपी आदि।
अक्सर लोगों के मन में इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति रहती है कि क्या आधार कार्ड के यूनिक नंबर के जरिए बैंक खाता हैक हो जाता। वह भ्रम की स्थिति में रहते हैं कि आधार की जानकारी चुराकर हैकर्स सीधा उनके खाते में सेंध लगा सकते हैं।
यूआईडीएआई के मुताबिक ऐसा नहीं किया जा सकता। यूआईडीएआई के मुताबिक जिस तरह केवल आपके एटीएम कार्ड के नंबर से कोई एटीएम से पैसे नहीं निकाल सकता है उसी तरह सिर्फ आधार नंबर से बैंक अकाउंट हैक नहीं हो सकता।
