ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूल के लिए अब आरटीओ दफ्तर पर चक्कर लगाने की झंझट से छुटकारा मिलने वाला है। आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए इस काम को अब ऑनलाइन ही निपटाया जा सकेगा। सड़क परिवहन मंत्रालय इससे जुड़े नियमों में बदलाव करने की तैयारी में हैं।
मंत्रालय की ओर से तैयार एक ड्राफ्ट में आधार के जरिए ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूल समेत कुल 16 सेवाओं का लाभ उठाने के लिए आधार अनिवार्य करने की बात कही गई है।
इन सेवाओं में ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूल के अलावा लर्निंग लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस में पता बदलना, वाहनों का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने और ओनरशिप ट्रांसफर आवेदन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। ड्राफ्ट के मुताबिक पोर्टल के माध्यम से विभिन्न कॉन्टेक्टलैस यानी ऑनलाइन सेवाओं का फायदा उठाने के इच्छुक व्यक्ति को आधार ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।
सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से तैयार एक ड्राफ्ट में आधार ऑथेंटिकेशन को जरूरी करने का मकसद यह है कि नागरिकों को कम समय में ऑनलाइन ही इन सेवाओं का लाभ मिल जाए और इसके साथ ही नकली दस्तावेजों पर लगाम कसी जा सके। आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए इन दोनों लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है। इसके लिए उपभोक्ता को सड़क परिवहन मंत्रालय की वेबसाइट https://parivahan.gov.in/parivahan/en/content/driving-licence-0 पर आधार कार्ड को प्रमाणित करना होगा।
मालूम हो कि सरकार ने 2019 में नए ट्रैफिक नियमों में बड़ा बदलाव किया था। जिसके तहत बिना ड्राइविंग लाइसेंस के ड्राइविंग करने पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा शराब पीकर वाहन चलाने पर 10,000 रुपये का जुर्माना, वहीं मानसिक या शारीरिक रूप से अनफिट होने के बावजूद ड्राइविंग करने पर 1,000 रुपये का जुर्माना देने का नियम बनाया गया है।
