Aadhaar card Biometrics updation for children: आधार आज हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है। हमारी पहचान को बताने वाला आधार यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के द्वारा जारी किया जाता है। आधार में 12 अंकों का एक यूनिक नंबर होता है जो हर कार्डधारक के लिए अलग-अलग जारी किया जाता है। आधार आज जितना व्यस्क के लिए जरूरी है उतना ही बच्चों के लिए भी जरूरी है।
स्कूल में एडमिशन के लिए भी बच्चे के आधार कार्ड की मांग की जाती है। ऐसे में बच्चों का आधार कार्ड बनावाना और उसे समय-समय पर अपडेट करवाना जरूरी होता है। माता-पिता नवजात बच्चे का भी आधार बनवा सकते हैं। इसके लिए उसके थोड़ा बड़ा होने का इंतजार करने की जरूरत नहीं।
बच्चों के आधार कार्ड में कब और किस समय बॉयोमेट्रिक अपडेट करवाया जाता है इसपर बहुत से लोगों को जानकारी नहीं होती। आधार नियमों के मुताबिक 5 और 15 साल की आयु पर बच्चों का बॉयोमेट्रिक अपडेट करना अनिवार्य है। इसके लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता।
मान लीजिए किसी अभिभावक ने अपने तीन साल के बच्चे का आधार कार्ड बनवाया था और अब वह पांच साल का हो गया है तो उन्हें आधार केंद्र में जाकर 10 उंगलियों के फिंगर प्रिंट, रेटिना स्कैन और फोटोग्राफ आदि का अपडेशन करवाना होगा।
5 साल से कम उम्र के बच्चों के बायोमेट्रिक्स यानी अंगुलियों के निशान और आंखों की पुतली विकसित नहीं होते हैं। यही प्रक्रिया 15 साल की उम्र पर फिर दोहराई जाएगी क्योंकि पांच साल से 15 साल की उम्र तक पहुंचने के बाद भी बॉयोमेट्रिक में बदलावा आता है। अगर आप अपने बच्चे के आधार कार्ड में अपडेशन करवान चाहते हैं तो इसके लिए ऑनलाइन अपाइंटमेंट ले सकते हैं। इसके लिए आपको सबसे पहले यूआईडीएआई की वेबसाइट https://uidai.gov.in/ पर जाना होता है और तय प्रक्रिया को फॉलो करना होगा।

