आधार कार्ड एक बेहद ही महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज में से एक है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) द्वारा इस कार्ड को जारी किया जाता है। आधार कार्ड में एक नागरिक की बायोमेट्रिक और डेमोग्राफिक जानकारियां दर्ज होती हैं।
आधार कार्ड में जो जानकारियां दर्ज होती हैं वे काफी संवेदनशील होती है। आधार कार्ड में नाम, पता, मोबाइल नंबर (एच्छिक), आईरिस स्कैन, फिंगर प्रिंट आदि संवेदनशील जाकनकारियां दर्ज होती हैं।
आधार कार्ड की सुरक्षा को लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल होते हैं। यूजर्स को इस बात का डर सताए रखता है कि उनकी संवेदनशील जानकारियों या आधार कार्ड का कोई गलत इस्तेमाल न कर लें।
आधारकार्डधारकों को इस टेंशन से मुक्त करने के लिए यूएआईडीएआई लोगों के लिए सुरक्षित विकल्प के रूप में मास्क्ड आधार कार्ड मुहैया करवाता है। यह एक किस्म का इलेक्ट्रॉनिक (सॉफ्ट कॉपी) आधार कार्ड होता है, जिसे आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।
दरअसल, इस आधार कार्ड में पूरे 12 अंक नहीं नजर आते। उसकी जगह पर सिर्फ चार अंक ही दिखाई देते हैं। शेष आठ अंक इसमें छिपे हुए होते हैं। पर इसमें अन्य जानकारियां जरूर सामने होती हैं। मसलन फोटो, स्मार्ट क्यूआर कोड और डेमोग्राफिक सूचना।
यूआईडीएआई के मुताबिक आधार की बायोमेट्रिक डिटेल्स कोई भी एक्सेस नहीं कर सकता। आधार के डाटा में भी कोई सेंध नहीं लगा सकता। यह पूरी तरह से सुरक्षित है। यूआईडीएआई का कहना है कि आधार कोई सीक्रेट नंबर नहीं होता है हालांकि ऐसे कई मामले सामने आते रहे हैं जिसमें आधारकार्ड के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बना लिया गया।

