रूस के साथ एस-400 मिसाइल सौदे के बाद अमेरिकी प्रतिबंधों की आशंका को लेकर थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने रविवार को कहा कि भारत अपनी रक्षा जरूरतों को लेकर स्वतंत्र नीति पर चलता है। आगे भी रूस से कामोव हेलिकॉप्टर और अन्य हथियार प्रणाली जैसे सौदे किए जाएंगे। रूस की छह दिवसीय यात्रा से शनिवार की रात लौटे जनरल रावत ने रविवार को मानेकशॉ सेंटर में आयोजित जनरल केवी कृष्णराव स्मृति व्याख्यान देते हुए कहा कि रूसी सेना भारतीय सशस्त्र बलों के साथ हाथ मिलाकर आगे बढ़ने के लिए इच्छुक है। उन्होंने कहा कि रूस भारतीय सेना और यहां के रक्षा क्षेत्र के साथ जुड़ने के लिए काफी उत्सुक है।
रूस की यात्रा के संदर्भ में जनरल रावत ने एक रूसी नौसैन्य अधिकारी द्वारा पूछा गया एक सवाल याद किया कि भारत का झुकाव अमेरिका की ओर लगता है, जिसने रूस पर पाबंदियां लगाई हैं और अमेरिका ने रूस से सौदा करने पर भारत पर पाबंदियां लगाने की धमकी भी दी है। इस पर रावत ने अपने जवाब का हवाला देते हुए कहा, ‘हां, हमें अहसास है कि हम पर पाबंदियां लगाई जा सकती हैं, लेकिन हम स्वतंत्र नीति पर चलते हैं।’ रावत ने अमेरिका के साथ भारत के बढ़ते संबंध पर रूस की चिंता यह कहते हुए दूर करने का प्रयास किया, ‘आप आश्वस्त रहिए कि जब हम कुछ प्रौद्योगिकी हासिल करने के लिए अमेरिका के साथ हाथ मिला रहे होते हैं तो हम स्वतंत्र नीति पर चलते हैं।’
सेना प्रमुख ने कहा, ‘मैंने उनसे कहा, जब हम पाबंदियों पर बात कर रहे हैं और आप पाबंदियों पर सवाल खड़ा कर रहे हैं तब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस तथ्य के बावजूद एस-400 हथियार प्रणाली की खरीद को लेकर संधि पर दस्तखत कर रहे हैं कि हमें भविष्य में अमेरिकी चुनौतियों से दो-चार होना पड़ सकता है।’ जनरल रावत ने कहा कि भारत रूस से कामोव हेलिकॉप्टर व अन्य हथियार प्रणाली खरीदने को लेकर आशान्वित है। उन्होंने कहा कि हम रूस से अंतरिक्ष आधारित प्रणाली और तकनीक भी हासिल करेंगे। हम और किस-किस तरह से सहयोग कर सकते हैं, इस विचार का कोई अंत ही नहीं है। हम उसी दिशा में आगे बढ़ेंगे जो देश के लिए सर्वश्रेष्ठ है। सामरिक रूप से वही हमारे लिए महत्वपूर्ण है।
रूस यह बात समझता है कि हम एक ताकतवर सेना हैं और अपनी रणनीतिक सोच के आधार पर जो हमारे लिए सही है उसके पक्ष में खड़े होने में सक्षम हैं। यही कारण है कि नई दिल्ली और मास्को ने प्रतिबंधों की अमेरिकी चेतावनी के बावजूद यह सौदा किया कि उसका ध्यान उस देश के खिलाफ दंडात्मक पाबंदियां लगाने पर होगा जो रूस के साथ ‘अहम’ व्यापारिक सौदा करेगा। -जनरल बिपिन रावत, थल सेना प्रमुख

