प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में देश की बागडोर संभालते ही ‘स्‍वच्‍छ भारत’ अभियान की शुरू की थी। खुद झाड़ू लेकर दिल्‍ली की सड़कों पर उतरे और लोगों से आस-पास सफाई रखने की अपील की। सेलिब्रिटीज जुड़े, नेता जुड़े, धीरे-धीरे लोगों तक संदेश पहुंचा तो अभियान से जुड़ी कई कहानियां सामने आईं। किसी ने बकरी बेच कर शौचालय बनवाया तो किसी ने ससुराल में शौचालय न होने पर शादी से ही इनकार कर दिया। कुछ लोगों को सीधे पीएम मोदी से शाबासी मिली तो कुछ को स्‍थानीय प्रशासन ने सम्‍मानित किया। पूरे भारत को स्‍वच्‍छ बनाने का सपना देख रहे नरेंद्र मोदी खुद भी सफाई का खास ख्‍याल रखते हैं। मंगलवार (11 मार्च) को नई दिल्‍ली में प्रधानमंत्री ने लोकसभा स्‍पीकर सुमित्रा महाजन की लिखी एक किताब का विमोचन किया। महाजन ने मालवा क्षेत्र की 1767 से 1795 तक महारानी रहीं देवी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन पर आधारित नाटक ‘मातोश्री’ कई साल पहले लिखा था।

इसी कार्यक्रम में किताब दुनिया के सामने लाने के बाद मोदी ने रिबन और रैपर को फेंकने की बजाय अपनी जेब में रख लिया, ताकि उसे कूड़ेदान में फेंक सकें। बीजेपी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर इसका अलग वीडियो अपलोड किया गया है, जिसपर लोगों ने पीएम मोदी के इस भाव की तारीफ की है। दीप्ति ने वीडियो पर कहा, ”हमें उन चीजों की याद दिलाने के लिए धन्‍यवाद, जिन्‍हें हम जानते तो हैं मगर महत्‍व नहीं देते।” मोहंती ने कहा, ”नेता हमेशा एक उदाहरण देकर नेतृत्‍व करते हैं। नमो एक सच्‍चे नेता हैं।”

जिस कार्यक्रम का यह वाकया है, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी समेत अन्य सांसद भी मौजूद थे। कार्यक्रम में सबका स्‍वागत करते हुए महाजन ने कहा, “मैंने किताब लिखी है, लेकिन मैं लेखिका नहीं हूं।” उन्होंने कहा, “मैंने नाटक लिखा था और इंदौर तथा अन्य जगहों पर इसका मंचन भी हुआ था। लेकिन, मैंने कभी नहीं चाहा कि यह प्रकाशित हो, क्योंकि इसमें कुछ विसंगितयां हो सकती हैं।” उन्होंने कहा कि दोस्तों ने दबाव डाला कि इसे प्रकाशित किया जाए और इंदौर के एक इतिहासकार मित्र ने इसे चेक किया। इसके बाद इसे प्रकाशित किया गया। संसद परिसर स्थित प्रेक्षागृह में किताब के विमोचन के बाद मोदी, आडवाणी व अन्य सांसदों ने इस नाटक का मंचन देखा।