राफेल डील आजकल चर्चा में है। इसे लेकर कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे के ऊपर आरोप प्रत्यारोप कर रही हैं। राफेल डील को लेकर ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी संसद में बोल रहे थे, उसी दौरान उनसे बड़ी चूक हो गई। दरअसल राहुल गांधी ने कहा कि, “जब फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रोन भारत आए थे तो मैं उनसे मिला था।” राहुल गांधी के इतना बोलते ही बीजेपी वालों ने उन्हें टोकना शुरू कर दिया। दरअसल इसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से गलती ये हुई कि फ्रांस के राष्ट्रपति एमनुअल मैक्रोन तो अभी भी फ्रांस के राष्ट्रपति हैं। बीजेपी वालों के टोकने के बाद राहुल गांधी ने सॉरी बोला और साथ ही कमेंट भी किया कि मैं रॉयल हाईनेस वाला नहीं हूं जो कभी गलती नहीं करता, मैं अपनी गलती के लिए माफी मांगता हूं।

राफेल डील पर राहुल गांधी के सवाल का जवाब देते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण कहा कि कांग्रेस दावा कर रही है कि उसने राफेल विमान की बेसिक कीमत 737 करोड़ रुपये तय की थी। वहीं 2016 में एनडीए सरकार की फ्रांस से हुई डील के मुताबिक देश को राफेल विमान कांग्रेस की इस कीमत से 9 फीसदी सस्ती दर पर मिला है, हालांकि लोकसभा में जवाब देते हुए निर्मला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अलग-अलग समय में खुद द्वारा की जा रही राफेल डील में विमान की कीमत का अलग-अलग आकलन दिया है।

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वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री सवालों से भाग रही हैं। रक्षा मंत्री ने बताया चीन ने 2004 से 2014 के दौरान 400 विमान बेड़े में शामिल किए। वहीं, पाक ने विमानों की संख्या में दो गुना बढ़ोतरी की है। हमारे पास 42 स्क्वॉड्रन थे जो घटकर 33 रह गए। यूपीए सरकार 18 विमान फ्लाईवे स्थिति में खरीद रहे थे और शेष विमान 11 साल में बनते। जब तत्काल जरूरत है तो फिर इतना समय क्यों? सीतारमण ने कहा, बोफोर्स एक घोटाला था जबकि राफेल रक्षा जरूरत से जुड़ा है। बोफोर्स ने उन्हें (कांग्रेस सरकार) गिराया जबकि राफेल मोदी सरकार को वापस लाएगा। बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा कि राफेल पर रक्षामंत्री के बयान ने कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे झूठे आरोपों के अभियान को ढहा दिया।’