मोदी सरकार ने 8 नवंबर को देश में 500 और 1000 के नोटों को बंद करने का एलान किया था जिसके बाद देश से लेकर विदेश तक इस फैसले की चर्चा हुई। किसी ने इस फैसले को सही माना तो किसी ने इस फैसले की आलोचना की। लेकिन यूपी के 11वीं क्लास में पढ़ने वाले अर्चित कुमार से जब एक रिपोर्टर ने इस बारें में पूछा तो इस छात्र ने सभी सवालों के तर्क के साथ जवाब दिए। अर्चित ने एक सवाल के जबाव में कहा,” जैसा की हमारे साथी ने कहा कि नोटबंदी से देश को बहुत फायदा हुआ और सरकार के इस फैसले से काफी काला धन बाहर आया है। लेकिन अगर मैं बात करुं कि किसी नेता की तो क्या सरकार यह बताएगी की देश की किस नेता के पास से कितना काला धन बाहर आया है। जितनी भी तकलीफें हुई हैं वो आम जनता को हुई हैं। अगर काला धन बाहर आया है तो देश की सरकार को बताना चाहिए की कितना काला धन बाहर आया है। ये फैसला जल्दबाजी में लिया गया है।”

अर्चित के मुताबिक देश की सरकार को एक मीटिंग बुलाकर ये फैसला लेना चाहिए था। अगर देश की सरकार सबकी सलाह लेकर ये फैसला लेती तो यह फैसला बहुत अच्छा हो सकता था। जब अर्चित से पूछा गया कि उन्हें कौन सा नेता पसंद है तो उन्होंने मायावती का नाम लिया। इसके बाद रिपोर्टर ने पूछा की आपको मायावती की राजनीति में क्या अच्छा लगता है। तो अर्चित ने कहा कि मायावती की सबसे अच्छी बात है कि उन्होंने दलित और पिछड़े वर्ग के लिए अच्छा काम किया है और वो सबको साथ लेकर चलती है। आगे अर्चित ने कहा कि पढ़े लिखे लोग राजनीति में आएंगे तो विकास होगा और इससे देश को फायदा होगा। इसके बाद अर्चित ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के तारीफ करते हुए कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल पीएम मोदी से डिग्री दिखाने की मांग कर रहे हैं तो उन्हें क्या परेशानी है अपनी डिग्री दिखाने में, क्यों डर रहे पीएम हैं।

रिर्पोटर ने इसके बाद मायावती द्वारा बनवाए गए पार्क के बारें में पूछा तो अर्चित ने कहा कि पिछले कई दशको में पिछड़े वर्ग के लोगों पर बहुत जुल्म हुए। तो उनके पास कोई ऐसी जगह नहीं थी जहां वो घुमने जा सकें। उनके पास कोई ऐसा स्थान नहीं थी जहां वो बैठकर कोई मीटिंग कर सकें। जहां पर वो कह सके की ये उनकी जगह है। तो अगर वो मूर्ती बनाई है या वो पार्क बनाया है तो उन लोगों के लिए बनाया है।

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