वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई से ट्विटर पर एक यूजर ने पूछा कि आप इतनी गालियां खाने के बाद भी इतने शांत कैसे रह पाते हैं और वो भी लगातार। इस पर राजदीप ने जवाब दिया कि ऐसा इसलिए कि वो योग करते हैं, आत्मा साफ है और निष्काम कर्म में दृढ़ विश्वास रखते हैं। राजदीप के इस जवाब के बाद लोगों ने उनसे और सवाल पूछने शुरु कर दिए। एक यूजर ने लिखा,” पर योग तो कम्युनल है और आप सेक्युलर( इस्लामिक) हैं। आपके लिए योग हराम है।” राजदीप ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया। राजदीप के ट्वीट पर एक दूसरे यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा कि,” योगा मुस्लिम विरोधी है। कुछ लोग कहते हैं.. राजदीप अब सेक्युलर नहीं रहे।” एक दूसरे यूजर ने लिखा कि,” ऐसा लगता है कि राजदीप ने यह जवाब पीएम मोदी के लिए लिखा है।”

एक यूजर ने राजदीप से सवाल पूछा,” क्या कोई ऐसा पत्रकार है जो कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा के बारे में सवाल कर सके? लेकिन केवल राजदीप सरदेसाई ही ऐसे हैं जो छुट्टियों और बच्चों के फेवरेट खेल के बारे में पूछ सकते हैं।” इस पर राजदीप ने जवाब देते हुए लिखा,” अच्छा काम! इसका मतलब ये हुआ कि आपने मेरा अखिलेश यादव के साथ इंटरव्यू नहीं देखा। इस इंटरव्यू में मैंने ये सब सवाल पूछे हैं। आप मुझसे क्या ये उम्मीद करते हैं कि मैं अखिलेश यादव से उसके बच्चों के बारे में सवाल करुं!”

https://twitter.com/drtush2985/status/828881881206837249

इससे पहले भी राजदीप सरदेसाई ट्वीटर यूजर्स के निशाने पर रहे हैं। इससे पहले कांग्रेस अध्‍यक्षा सोनिया गांधी के 9 साल पहले लिए एक इंटरव्यू को लेकर Twitter यूजर्स के निशाने पर आ गए थे। ट्विटर यूजर्स राजदीप के साधारण प्रश्नों को लेकर खासे नाराज नजर आए। कई लोगों ने सास- बहु के रिश्तों पर आधारित इंटरव्यू तक करार दे दिया। हालांकि कुछ लोगों ने सानिया गांधी की तारीफ भी की थी। इस इंटरव्यू में राजदीप ने सोनिया गांधी से इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या को लेकर सवाल पूछे थे।

मोदी सरकार के नोटबंदी के बाद ट्वीटर पर 15 नवंबर को राजदीप सरदेसाई और अभिनेता अनुपम खेर आपस में उलझ गए थे। राजदीप सरदेसाई ने ट्वीट किया, “एक दिहाड़ी मजदूर ने मुझसे कहा कि क्या प्रधानमंत्री चाहते हैं कि हम 50 दिन लाइन में खड़े रहें या काम करें? अमीर लोगों के पास क्रेडिट कार्ड है, असली मार आम आदमी पर पड़ी है।” फिल्म अभिनेता अनुपम खेर को राजदीप की बात नागवार गुजरी और उन्होंने ट्वीट किया, “भगवान का शुक्र है कि हमारे देश के सैनिक आपसे या प्रधानमंत्री या देश से ये नहीं पूछते कि उनसे सातों दिन चौबीसों घंटे हमारी सीमाओं की रखवाली की उम्मीद क्यों की जाती है।”