रविवार को दिल्ली के तीन इलाकों में नागरिक सुविधाओं का उद्घाटन करते हुए एक बयान दिया जो कि सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उत्तम नगर इलाके में एक जनसभा में नगर निकाय पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि पार्षद अपनी जेब भर रहे हैं। केजरीवाल ने कहा, “चुनावों से पहले, भाजपा और कांग्रेस के पार्षद साइकिल और स्कूटर पर घूमते नजर आते हैं। लेकिन अब, हर पार्षद के पास पांच बंगले और पांच गाड़ियां हैं। एक बार हम MCD जीत गए तो एक साल के अंदर दिल्ली को इतना साफ-सुधरा बना देंगे कि इसकी तुलना लंदन से होगी।” केजरीवाल के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर खूब मजाक उड़ाया जा रहा है। कुछ लोग केजरीवाल के इस बयान पर उनके और उनके नजरिए के सपोर्ट में आ गए तो कुछ लोगों ने इस पर सवाल भी उठाए हैं।

एक यूजर ने लिखा- दीदी (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी) ने कोलकाता को लंदन में बदलने का वादा किया था, अब केजरीवाल ने भी दिल्ली में उसी तरह का वादा किया है। मैं उम्मीद करता हूं दिल्ली कोलकाता के रास्ते पर नहीं चलेगा। वहीं, दूसरी ओर कुछ यूजर्स केजरीवाल के इस बयान का मजाक भी बना रहे हैं। एक अन्य यूजर ने केजरीवाल से पूछा- अरविंद केजरीवाल सर, दिल्ली को लंदन बनाने के बाद एमसीडी कर्मचारियों की सैलरी पाउंड में मिलेगी या फिर डॉलर्स में मिलेगी? कमेंट्स के साथ यूजर्स ने फनी तस्वीरें भी शेयर की हैं।

https://twitter.com/iAnkurSingh/status/838670548573945856

https://twitter.com/Aiyyash_Billa/status/838645033876148224

https://twitter.com/Yr_Conscience/status/838632806527860736

https://twitter.com/Woh_ladka/status/838646952338272256?

दिल्ली के तीन इलाकों में नागरिक सुविधाओं का उद्घाटन करते हुए आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में होने वाले निगम चुनावों के लिए अपना एजेंडा भी तय कर लिया है। उन्होंने कहा, “विधानसभा चुनाव में आपने 67 सीटें दी और इस बार आप कोई ऐसा फर्क मत कीजिए। यदि हम दिल्ली नगर निगम चुनाव जीत गए तो हम दिल्ली में चार चांद लगा देंगे और उसे एक साल में लंदन जैसा बना देंगे।” आगामी निगम चुनाव के लिए उत्तम नगर में प्रचार करते हुए उन्होंने अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को आकर्षित करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, “हमने अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भी भेजा है। यह मुद्दा दिल्ली उच्च न्यायालय के सामने लंबित है।”