कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ने संघ और बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। दिग्विजय ने बुधवार को किए अपने ट्वीट में लिखा- भगवान राम हमारे ह्रदय में हैं, कण-कण में हैं। भाजपा संघ केवल भगवान राम के नाम से राजनैतिक रोटियां सेकते हैं। दिग्विजय को राम मंदिर के मुद्दे पर बीजेपी और संघ को घेरना सोशल मीडिया पर भारी पड़ गया। ट्विटर यूजर्स ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पर जमकर निशाना साधा। साथ ही सवाल भी अगर भगवान राम उनके दिल में हैं तो उन्होंने और उनकी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट क्यों फाइल किया। लोगों ने इस पर उनकी सफाई भी मांगी।

दिग्विजय के ट्वीट पर यूजर्स ने रि-ट्वीट करते हुए लिखा- अगर भगवान राम आपके कण-कण में हो तो फिर एक बार बोल दीजिए कसम राम की खाते हैं मंदिर वहीं बनाएंगे। एक अन्य यूजर ने लिखा- भगवान राम कण-कण में होने के बावजूद भी आप लोग 60 साल तक मंदिर की जगह मस्जिद का राग अलापते रह गए। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद पर लेकर अहम फैसला सुनाया। जहां आरएसएस समेत बीजेपी नेताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है, वहीं बाबरी मस्जिद कमेटी ने कोर्ट का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। कमेटी के ज्वॉइंट कंवीनर डॉ एसक्यूआर इलयास ने कहा, ‘हम लोगों को सीजीआई की बात मंजूर नहीं है। इलाहबाद हाई कोर्ट पहले ही अपना निर्णय दे चुका है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को लगता है कि बातचीत का वक्त अब खत्म हो चुका है।’

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21 मार्च (सोमवार) को मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि राम मंदिर को लेकर सभी पक्ष कोर्ट के बाहर मामला सुलझा लें तो ठीक रहेगा। चीफ जस्टिस (CJI) ने कहा, “यह धर्म और आस्था से जुड़ा मामला है इसलिए इसको कोर्ट के बाहर सुलझा लेना चाहिए। इस फैसले का बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने स्वागत किया। वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अयोध्या मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए करने के सर्वोच्च न्यायालय के सुझाव का स्वागत किया और कहा कि इसे जल्द सुलझाया जाना चाहिए और सभी की भागीदारी से एक भव्य मंदिर का निर्माण होना चाहिए। आरएसएस के संयुक्त महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने यहां कहा, हम न्यायालय के सुझाव का स्वागत करते हैं। आरएसएस ने हमेशा ही इस संवेदनशील मुद्दे को अदालत के बाहर सुलझाने या इसके समाधान के लिए एक कानून का समर्थन किया है।