देश में आगामी लोकसभा चुनाव की हवा बनने लगी है। एक तरफ जहां बीजेपी मोदी सरकार के चार साल की उपलब्धियों का ढोल पीट रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार को हर मोर्चे पर फेल बता रही हैं। विपक्ष का आरोप है कि जब-जब चुनाव आता है बीजेपी राम मंदिर का मुद्दा फेंककर मतदाताओं का ध्रुवीकरण करती है। अब बहुत से आमजनों का भी मानना है कि बीजेपी राम मंदिर को आस्था नहीं बल्कि चुनावी हथियार बना रही है। इस बीच केंद्र सरकार के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि साल 2019 का चुनाव सिर्फ विकास के मुद्दे पर लड़ा जाएगा। मंत्री के इस बयान की आलोचना होने लगी है कि अगर 2019 में भी विकास की रट लगाएंगे तो 2014 से 2018 तक मोदी सरकार ने क्या किया? इसी मुद्दे पर न्यूज 18 इंडिया के भैयाजी कहिन शो में एंकर प्रतीक त्रिवेदी ने लोगों से पूछा कि 2019 में मंदिर जरूरी है या रोजी-रोटी?

इस चर्चा में भाग लेते हुए एक शख्स ने कहा कि 2014 में मोदी जी ने कांग्रेस का जो 70 साल पुराना पेड़ उखाड़ा था, उस जमीन में बीजेपी ने क्या बोया? नफरत, धर्म या जाति या झूठ के बीज डाले हैं? उन्होंने आरोप लगाए कि बीजेपी झूठ का कारोबार करती है। चर्चा में भाग लेते हुए एक छात्र ने कहा कि राम मंदिर और बाबरी मस्जिद की जगह यूनिवर्सिटी या अस्पताल बना दिया जाय जहां हर जाति, धर्म के लोग आएंगे और उसका लाभ उठाएंगे। छात्र ने दूसरी बात कही कि अगर किसी चुनाव में बीजेपी जीतती है तब तो हर जगह मोदी लहर है लेकिन हारने पर ऐसा क्यों कहा जाता है कि हिन्दू गद्दार है?

एक छात्र ने शेयरो-शायरी करते हुए मोदी सरकार पर तंज कसा और कहा कि मोदी सरकार सिर्फ फेसबुक, ट्विटर के जरिए ही सरकार चला रहे हैं और विकास होने की बात फैला रहे हैं। उसने कहा, मेरे घर से दूर है, तेरे घर का किनारा, ट्विटर-फेसबुक से पूछ लेते हैं क्या हाल है तुम्हारा? छात्र ने कहा वहीं पर काम है, वहीं पर हवा है, ग्राउंड वर्क रिपोर्ट नहीं है। उधर, बीजेपी नेताओं ने इस तरह की अटकलबाजियों का खंडन किया और कहा कि बीजेपी पहले भी विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ती थी और आगे भी लड़ती रहेगी।