तीन तलाक पर इन दिनों सियासी पारा चढ़ा हुआ है। एक हफ्ते में प्रधानमंत्री मोदी और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ दोनों तीन तलाक के खिलाफ बयान दे चुके हैं। वहीं रोज देश में कहीं ना कहीं से इस से जुड़े मसले सामने आ रहे हैं। एक मुद्दे पर टीवी चर्चा में शामिल ऑल इंडिया मुस्लिम महिला पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शइस्ता अंबर और मौलाना अंसार रज़ा के बीच करारी बहस छिड़ गई। शइस्ता टीवी पर तीन तलाक पर अपनी बात रख रही थी उनको अंसार रजा ने बीच में टोक दिया। इस बात पर शइस्ता ने कहा दिया आप चुप रहिए और हमारी बात सुनिए। ये बात अंसार रजा को पसंद नहीं आई और उन्होंने पलटवार करते हुए पूछा कि क्या तुम हिंदुस्तान की प्रधान मंत्री हो क्या कि तुम बोलोगी और हम सुनेंगे। यहां तुम्हारा घमंड सुनने के लिए बैठे हैं क्या। तीन तलाक का मुद्दा रोज और गर्माता जा रहा है। सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तीन तलाक की तुलना द्रौपदी के चीरहरण’ से कर दी जिसके बाद वे उलमा की तीखी प्रतिक्रिया के निशाने पर आ गये।
देखिए #TripleTalaq पर शइस्ता अंबर और मौलाना अंसार रज़ा के बीच छिड़ी बहस #SpecialReport
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मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘कुछ लोग देश की इस (तीन तलाक) ज्वलंत समस्या को लेकर मुंह बंद किये हुए हैं, तो मुझे महाभारत की वह सभा याद आती है, जब द्रौपदी का चीरहरण हो रहा था, तब द्रौपदी ने उस भरी सभा से एक प्रश्न पूछा था कि आखिर इस पाप का दोषी कौन है। योगी ने कहा ‘‘तब कोई बोल नहीं पाया था, केवल विदुर ने कहा था कि एक तिहाई दोषी वे व्यक्ति हैं, जो यह अपराध कर रहे हैं, एक तिहाई दोषी वे लोग हैं, जो उनके सहयोगी हैं, और वे भी दोषी हैं जो इस घटना पर मौन हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि मुस्लिम महिलाओं का शोषण खत्म होना चाहिए और उनके साथ न्याय होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर कोई सामाजिक बुराई है तो समाज को जागना चाहिए और न्याय प्रदान करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मुस्लिम महिलाओं को शोषण का सामना नहीं करना चाहिए। वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने साफ कर दिया है कि वो तीन तलाक के पक्ष में है लेकिन इसका इस्तेमाल करने वाले मर्द के सामाजिक बहिष्कार की बात लॉ बोर्ड ने की है।

