हैदराबाद के स्वरूपनगर हाउसिंग कालोनी में एक रिसाइकल्ड बस स्टाप तैयार किया गया है। इस स्टाप को प्लास्टिक की खाली बोतलों से तैयार किया गया है। इसे बनाने का बीड़ा ‘बैम्बू हाउस इंडिया’ नामक एक सामाजिक कंपनी ने रिसाइकल इंडिया मुहिम के तहत उठाया है। इसे बांस के पेड़ों के पास बनाया गया है जिससे इस बांस बांस की छांव भी मिलती है। बैम्बू हाउस इंडिया ने इसे बनाने में केवल रिसाइकल्ड प्लास्टिक बोतलों का ही इस्तेमाल किया है। इसे बनाने में 1,000 बोतलों का इस्तेमाल किया गया। इस बस शैल्टर की ऊंचाई 8 फीट है। बोतलों को लगाने के लिए पहले एक लोहे का फ्रेम तैयार किया गया। इसके बाद एक प्लास्टिक की बोतल को दूसरी बोतल से जोड़ा गया। इसी तरह से बोतलों की दीवार और छत तैयार कर ली। जिसे लोहे के फ्रेम के सहारे खड़ा किया गया है। इस बस शैल्टर को बनाने में 20 लोगों को 2-3 दिन का समय लग गया था। इस पूरे बस शैल्टर को बनाने में 15,000 रुपये का खर्च आया है।
एक प्लास्टिक की बोटल की कीमत 1.4 रुपये आई है। बस शैल्टर बनाने वालों के मुताबिक एक पूरा बस स्टॉप बनाने में करीब 2 से 3 लाख रुपये का खर्च आएगा। खाली बोतलों का बना यह बस स्टॉप इकोफ्रेंडली है इसे आसानी से नष्ट किया जा सकता है। बस शैल्टर बनाने वालों का यह आईडिया लोगों को काफी पसंद आ रहा है। लोग इसका इस्तेमाल भी कर रहे हैं।
उनका कहना है कि यह तरीका बस शैल्टर की कमी पूरा करेगा। कंपनी के एक संस्थापक प्रशांत लिंगम के मुताबिक ठेकेदार बस स्टाप बनाने के लिए लाखों रुपये मांगते हैं जबकि हमारे तरीके से बनाये इस शैल्टर का खर्च केवल 15 हज़ार के करीब है। उनका कहना है कि हमें सिर्फ ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा ही पड़ता है। नगर निगम ने भी इस प्रोजेक्ट में दिलचस्पी दिखाई है। दो युवाओं द्वारा बनाई गई कंपनी ने इससे पहले टायर और ड्रम से बेंच भी बनाये हैं।

