एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला एक अंग्रेजी न्यूज चैनल के कार्यक्रम में आए हुए थे। इसी बीच उन्होंने एक रिपोर्टर की खबर पर सवाल उठा दिए। प्रोग्राम में जब कमिश्नर ऑफ पुलिस और ज्वाइंट कमिश्नर को लेकर बात छिड़ी तो रिपोर्टर ने दीपेन्द्र पाठक को स्पेशल कमिश्नर बताया। साथ ही पूनावाला को अपने तथ्य सही करने की सलाह दी। इस पर पूनावाला भड़क गए। इस पर रिपोर्टर ने बार-बार एक ही बात को दोहाराया कि पूनावाला अपने फेक्ट्स को सही कीजिए। पूनावाला अपने फेक्ट्स को सही कीजिए। रिपोर्टर ने ऐसा कई बार बोला। पूनावाला सुनने के लिए तैयार ही नहीं थे।
इसी बीच शो की एंकर ने भी पूनावाला को चुप रहने के लिए कहा। एंकर ने कहा कि मेरे सहयोगी को बोलने दीजिए वह सही कह रहे हैं। उनको बोलने दीजिए। रिपोर्टर ने कहा तथ्यों को लेकर आप मुझे चैलेंज नहीं कर सकते। आप सुनिए और चुप रहिए। इसके बाद रिपोर्टर ने कहा कि सुनिए मैं आपको बताता हूं कि दीपेंद्र पाठक कौन हैं। वह स्पेशल कमिश्नर हैं। मुझे जर्नलिज्म पढ़ाने की कोशिश मत कीजिए। अगर आप यह सोचते हैं कि यह कागजात झूठे हैं, यह हमारे स्टूडियो में प्रिंट किए गए हैं। तो हम पर केस कर दीजिए। वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें।
दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अगर इन कागजात को झूठा बताएं तो हम पर केस कर दीजिए। मुझ पर केस कर दीजिए, मेरे खिलाफ एफआईआर करा दीजिए। इसके बाद रिपोर्टर ने पूनावाला को लताड़ते हुए कहा कि आप सिक्योरिटी के बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं। इसके बाद पूनावाला रिपोर्टर से कहते रहे कि आराम से बात कीजिए, आराम से बात कीजिए। इसके बाद टाइम्स नाउ के शो की एंकर स्टूडियो में कुछ कागजात दिखाते हुए उन्हें प्रूफ बताती है। रिपोर्टर कहता है कि मैं आपको चैलेंज करता हूं आप मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दीजिए पूनावाला। इसके बाद पूनावाला ने कहा कि कमिश्नर ने दस्तावेज लीक किए हैं। यह तो ब्रेकिंग न्यूज है। इसके बाद पूनावाला का चेहरा बदल गया। वह अपने दोनों हाथों की कोहनी टेबल पर रखकर और अपने दोनों हाथों पर अपना चेहरा रखकर बैठ गए। पूनावाला करीब 30 सेकेंड तक ऐसे ही बैठे रहे और रिपोर्टर और एंकर की बातों को सुनते रहे।

