छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सोमवार को हुए इस वर्ष के सर्वाधिक रक्तरंजित नक्सली हमले में सीआरपीएफ के कम से कम 26 जवान शहीद हो गए, और छह अन्य जवान घायल हैं, जिनका रायपुर के दो अस्पतालों में इलाज चल रहा है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने कहा है कि यह घातक हमला अपराह्न् 12.30 बजे उस समय हुआ, जब 14वीं बटालियन चिंतागुफा के पास काला पाथर में बुरकापाल जंगली इलाके में पहुंची थी। इसके पहले 2010 में इसी इलाके से थोड़ी दूर चिंतागुफा नामक स्थान पर नक्सली हमले में 76 जवान शहीद हुए थे। उसके बाद से अब तक का यह दूसरा सबसे बड़ा हमला है। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, “हमें सीआरपीएफ के अपने जवानों के पराक्रम पर गर्व है। मृतकों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। उनके परिवार वालों के प्रति सहानुभूति। ईश्वर करे हमले में शहीद जवान जल्द से जल्द स्वस्थ हों।” प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार छत्तीसगढ़ में परिस्थितियों पर करीब निगाह रख रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने हैरानी और नाराजगी जताई। लोगों ने प्रधानमंत्री से नक्‍सलवाद को खत्‍म करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग उठाई। विवेक ने कहा, ”सर जब श्रीलंका जैसा छोटा सा देश लिट्टे जैसी पैरलल आर्मी को नेस्तनाबूद कर सकता है तो हम क्यों नहीं.. विचलित करते हैं अब ये बेबसी, ये हालात।” आलोक तिवारी ने कहा, ”ये दर्द रोज रोज का हम यहाँ सिर्फ निंदा और श्रदांजलि देते रहेंगे और हमारे जवान शहीद होते रहेंगे, ये कब तक चलेगा।” गोविन्‍द ने लिखा, ”श्रीमान PM क्या हम बहुत नरम नही है इनके प्रति?” अंकुरानंद ने कहा, ”इतने से काम नही बनेगा सर… बहुत हो गयी कड़ी निंदा और गांधीवादी रवैया.. आतंकवाद खत्‍म नहीं कर पा रहे कम से कम नक्‍सलवाद तो खत्म कीजिये।”

देखें यूजर्स ने क्‍या कहा:

https://twitter.com/BrajwasiShaan/status/856499746466275328

https://twitter.com/aloktiwari9335/status/856500575663423488

https://twitter.com/MTechomanx/status/856508942448345092

https://twitter.com/VoiceOfRuchi/status/856506155970945024

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, “छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सली हमले में सीआरपीएफ के जवानों की मौत की खबर सुनकर अत्यंत पीड़ा हुई है। शहीदों को मेरी श्रद्धांजलि और उनके परिवार वालों के प्रति सहानुभूति।”

कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने एक बयान जारी कर कहा, “हमारे 24 बहादुर जवानों की शहादत देश के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। इस तरह के हमले हमें चरमपंथ के खिलाफ लड़ाई से कभी नहीं डिगा सकते।”