रणदीप सिंह सुरजेवाला ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट साझा किया। कांग्रेस नेता ने जो कार्टून शेयर किया उसमें महंगाई पर तंज कसते हुए लिखा गया था कि प्रैक्टिस के लिए वजन बढ़ाना पड़ेगा अगली बार गोल्ड लाना है। यही कार्टून शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि महंगाई मार गई।

उनके इस ट्वीट पर लोग उन्हें जमकर खरी खोटी सुना रहे हैं। लेखक विवेक रंजन अग्निहोत्री ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए लिखा कि बधाई मीराबाई। अगर राहुल गांधी की कांग्रेस आपकी इस उपलब्धि को तुच्छ समझती है तो इन्हें माफ करिए। एक टि्वटर यूजर ने लिखा कि किसी के संघर्ष को इस तरह मत तौलिए। @XharmaXahil अकाउंट से कमेंट आया कि शर्म आनी चाहिए इतना भद्दा मज़ाक बनाने के लिए… एक ओर जहाँ पूरा देश खिलाड़ियों को विजयश्री का आशीर्वाद दे रहा है…वहीं आप जैसे लोग उनका इस तरह से अपमान कर रहे हैं। अब भी वक्त है..सुधर जाइए… नहीं तो पार्टी को इतिहास के पन्नों में दफ़न होने में ज़्यादा समय नहीं लगेगा।

एक टि्वटर हैंडल से लिखा गया कि रणदीप सिंह सुरजेवाला जी सिल्वर मेडल में भी तकलीफ…. इसका महंगाई से क्या लेना देना? कांग्रेस के 65 वर्षों के शासन में टके सेर भाजी थी… तब पदक का अकाल क्यों रहता था? @DevbVishwakarm1 ट्विटर अकाउंट से लिखा गया कि आदरणीय इससे घटिया गिरी हुई और की कोई भी राजनीति नहीं हो सकती। ज्योति परमार नाम की एक टि्वटर यूजर लिखती है कि भारत की बेटी सिल्वर मेडल जीतकर भारत का नाम बढ़ाती है और इन्हें देखिए खेल का अपमान करते शर्म नहीं आती।

@JHIKALIBABA टि्वटर हैंडल से कमेंट आया कि देश का गौरव बढ़ाने वाली बेटी मीराबाई चानू का मजाक उड़ाना आपको शोभा नहीं देता सुरजेवाला जी। @deepakmandi टि्वटर अकाउंट से इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा गया कि धन्य हो नेता जी आप तो। सोचो क्यों लोग कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर रहे हैं क्योंकि तुम को नहीं पता के कब क्या बोलना है। बढ़ती मंहगाई का विरोध वो भी हिंदुस्तान को मिले हुए पदक के साथ । छी है तुम पर। तुम सत्ता से बाहर रहने लायक हो।

एबीवीपी की राष्ट्रीय सचिव निधि त्रिपाठी ने लिखा कि जब भी देश का मस्तक ऊंचा होता है तो कांग्रेस के सर में पता नहीं क्यों दर्द आरंभ हो जाता है। सरकार के विरोध का आलम यह है कि अब भारत की बहादुर बेटी का मजाक बनाने से भी ये सिरफिरे नहीं चूक रहे हैं। एक टि्वटर यूजर ने इस पर कमेंट करते हुए लिखा कि कांग्रेस की घटिया सोच ही पार्टी को गर्त में लेकर जा रही है।