नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के पास होने के बाद देश की राजधानी में हुई हिंसा को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को अहम सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान के दौरान जस्टिस एस मुरलीधर ने दिल्ली पुलिस को जमकर फटकार लगाई थी। सुनवाई के कुछ घंटों बाद उनका तबादला कर दिया गया। जस्टिस एस मुरलीधर को दिल्ली हाईकोर्ट से स्थानांतरित कर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट भेज दिया गया है।

जस्टिस मुरलीधर के तबादले की खबर जैसे ही मीडिया में आई उसपर सोशल मीडिया में भी लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। लोग इस तबादले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधने लगे। लोग लिखने लगे कि ये काफी गंभीर मामला है। केंद्र की मोदी सरकार को ट्रोल करते हुए लोग ये भी लिखने लगे कि ये साबित करता है कि दिल्ली की हिंसा में बीजेपी के हाथ भी साफ नहीं हैं।

कुछ यूजर्स जस्टिस एस मुरलीधर के ट्रांसफर की तुलना 80 के दशक की फिल्मों से कर रहे हैं। मशहूर राइटर और स्टैंडअप कॉमेडियन वरुण ग्रोवर ने लिखा कि ऐसा तो 80 के दशक की बी ग्रेड फिल्मों में होता था और हम कहते थे कि ये तो कुछ भी दिखा रहे हैं।

देखिए जस्टिस मुरलीधर के तबादले पर सोशल मीडिया और किस तरह से रिएक्ट कर रहा है:

 

बता दें कि बुधवार को राष्ट्रपति भवन से जस्टिस एस मुरलीधर के तबादले की अधिसूचना जारी की गई। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबड़े के साथ परामर्श करने के बाद उनका तबादला दिल्ली हाईकोर्ट से पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में किया है। इस तबादले के साथ ही जस्टिस मुरलीधर को अपने कार्यालय का प्रभार संभालने का निर्देश भी दिया गया है।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 12 फरवरी को ही जस्टिस एस मुरलीधर को दिल्ली हाईकोर्ट से पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ट्रांसफर करने की सिफारिश की थी। इसी सिफारिश पर बुधवार 26 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी कर उनका तबादला कर दिया गया है।

बुधवार 26 फरवरी को ही दिल्ली हिंसा मामले में सुनवाई के दौरान जस्टिस एस मुरलीधर ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि दिल्ली में दूसरा ‘1984’ नहीं होने देंगे। इससे पहले उन्होंने दिल्ली पुलिस को बीजेपी नेताओं के वीडियो दिखाते हुए फटकार भी लगाई थी।

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