पिछले लगभग महीने भर से तमिलनाडु के किसान अपनी मांगों को लेकर जंतर मंतर पर धरना दे रहे थे। रविवार को प्रशासन की तरफ से मिले आश्वासन के बाद उन्होंने अपने धरने को स्थगित कर तमिलनाडु वापस जाने का फैसला किया है। इनके इस महीने भर के प्रदर्शन के दौरान तमाम तस्वीरें सामने आईं। कभी नर खोपड़ियों के साथ धरना देते हुए तो कभी अपना ही मूत्र पीते हुए। तस्वीरें ऐसी थीं कि किसी का भी दिल भर आए। लेकिन अब सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीरें नकली थीं। सिर्फ तस्वीरों पर ही नहीं किसानों के इस ङड़ताल को ही नकली और प्रायोजित बताया जा रहा है।सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी तस्वीरें शेयर की जा रही हैं जिसमें किसान खोपड़ियों के साथ खेत में शूट करवा रहे हैं। हालांकि इन तस्वीरों की सच्चाई क्या है अभी इस बात की पुष्टी नहीं हुई है।
इन तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा जा रहा है कि मोदी सरकार को बदनाम करने व जनता की आंख में आंसू लाने के लिए कुछ जर्नलिस्ट्स को बहुत मेहनत करनी पड़ती है। कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि तस्वीर में जो किसान दिख रहे हैं उनमें से एक वामपंथी नेता है।
सोशल मीडिया पर फेसबुक हो या ट्वीटर, ऐसे ही पोस्ट से भरा हुआ है। लोग दावा कर रहे हैं कि किसानों को नोएडा के खेतों में ले जाकर उनकी फोटोग्राफी की जा रही है और बताया जा रहा है कि ये तमिलनाडु के हालात हैं। इन पोस्ट्स में लिखा जा रहा है कि ये तमिलनाडु के किसानों की ये हड़ताल पूरी तरह से विरोधियों की साजिश है और मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए ही रचा गई है।
आपने कभी तमिलनाडु के किसान का नोएडा के खेतमें फोटोशूट देखा है,देखिए,जनता की आंख में आंसू लाने केलिए जर्नलिस्ट्स को कितनी मेहनत करनी पड़ती है pic.twitter.com/32Sfg4q7LM
— Kunal Vimal (KV) (@kvQuote) April 23, 2017

