केरल के कन्नूर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा कार्यकर्ता संतोष कुमार की कुछ दिन पहले हत्या कर दी गई। मौत के बाद संतोष कुमार की बेटी विस्मया का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वो बिना कुछ बोले पोस्टर पर लिखकर कह रही हैं कि,”मेरे पिता मेरे सारे सपने पूरा करना चाहते थे, लेकिन एक रात के बाद वो सारे सपने खत्म कर दिए गए। ” विस्मया 12 साल की हैं और वो आठवीं क्लास में पढ़ती हैं। विस्मया ने बताया कि वो बड़ी होकर पुलिस अफसर बनकर अपने गांव के लोगों की मदद करना चाहती हैं।

विस्मया ने कहा है कि मेरे पिता का कसूर सिर्फ इतना था कि, ”वो आरएसएस और भाजपा का समर्थन करते थे। उन्होंने मेरे पिता को ही नहीं बल्कि मेरे सपनों को भी मार दिया। उस रात के बाद मेरे सारे सपने खत्म हो गए। मुझें अभी भी इस सवाल का जवाब नहीं मिला है कि उन्होंने मेरे पिता को क्यों मारा।”

बता दें 18 जनवरी को आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ता संतोष कुमार की उनके घर में घुसकर धारदार हथियारों से उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। भाजपा का आरोप है कि जब से केरल में (2016) माकपा की सरकार बनी है, तब से आरएसएस और भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं कार्यकर्ताओं पर निरंतर हमले हो रहे हैं। ,संतोष कुमार की हत्या के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी गई थी। इस हमले के विरोध में बीजेपी ने कन्नूर में हड़ताल का आह्वान किया है।

इस मुद्दे पर बोलते हुए भाजपा नेत्री शकुंतला वजीर खेड़ा ने कहा कि, ”देश के अंदर जिस तरह का राष्ट्र विरोधी माहौल बनाया जा रहा है, उसे भाजपा की सरकार और आरएसएस किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगा।” इस हमले के बाद भाजपा ने केरल के मुख्यमंत्री से सफाई मांगी थी। बता दें कन्नूर में राजनीतिक दुश्मनी की वजह से यहां पिछले साल आरएसएस और सीपीआई-एम के करीब छह पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या हो गई थी। एक आंकडे के मुताबिक साल 1991 में केरल के कन्नुर में 100 ले ज्यादा हत्याएं हो चुकी हैं। जिसमें सीपीएम के 42 और भाजपा के 41 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई।