अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट के बातचीत के जरिए हल निकालने की सलाह सोशल मीडिया यूजर्स को रास नहीं आई। सोशल यूजर्स ने उच्चतम न्यायालय की इस सलाह पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोर्ट जरूरी मामलों में बच निकलने की कोशिश करता है। कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि मंदिर के बजाय विकास पर ध्यान देना चाहिए। यूजर्स का कहना है कि जब क्रिकेट, त्योहार और फिल्मों से जुड़े मुद्दों पर कोर्ट फैसला सुना सकता है तो उसे इस मुद्दे पर खुल कर फैसला देना चाहिए। एक यूजर ने लिखा, ”सम्मानीय सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक, समान आचार संहिता और राम मंदिर पर फैसला नहीं कर सकता। लेकिन दही हांडी बैन करो। क्रिकेट बोर्ड- हम हैं ना चलाने के लिए।”
एक अन्य यूजर ने भी इसी तरह का विचार व्यक्त किया। उसने लिखा, ”यह दुर्भाग्यजनक है कि सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर मसले को सुलझाने के बजाय इससे अपने हाथ खींच लिए। इसके बजाय सुप्रीम कोर्ट ने त्योहारों में दखल देने को चुना है।” एक अन्य यूजर ने सुप्रीम कोर्ट के रूख पर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, ”सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राम मंदिर मुद्दे का हल समझौते से हो। इस तरह से तो बलात्कारियों और हत्यारों को भी जनता को सौंप देना चाहिए।”
बता दें कि मंगलवार(21 मार्च) को प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ऐसे धार्मिक मुद्दों को बातचीत से सुलझाया जा सकता है। जजों ने सर्वसम्मति पर पहुंचने के लिए मध्यस्थता करने की पेशकश भी की। पीठ ने कहा- ये धर्म और भावनाओं से जुड़े मुद्दे हैं। ये ऐसे मुद्दे हैं जहां विवाद को खत्म करने के लिए सभी पक्षों को एक साथ बैठना चाहिए और सर्वसम्मति से कोई निर्णय लेना चाहिए। आप सभी साथ बैठ सकते हैं और सौहार्द्रपूर्ण बैठक कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी तब की, जब भाजपा नेता सुब्रह्मणयम स्वामी ने इस मामले पर तत्काल सुनवाई की मांग की।
स्वामी ने कहा कि इस मामले को छह साल से भी ज्यादा समय हो गया है और इस पर जल्द से जल्द सुनवाई किए जाने की जरूरत है। सांसद ने अदालत को बताया कि उन्होंने मुस्लिम समुदाय के सदस्यों से बात की थी। उन्होंने कहा था कि इस मामले को हल करने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी पर ट्विटर पर कई लोग खासे नाराज नज़र आए। इससे पहले कोर्ट की इस पहल का आरएसएस ने स्वागत किया। आरएसएस के संयुक्त महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम उच्चतम न्यायालय के सुझाव का स्वागत करते हैं…आरएसएस ने हमेशा ही इस संवेदनशील मुद्दे को अदालत के बाहर सुलझाने या इसके समाधान के लिए एक कानून का समर्थन किया है।’’
वहीं बाबरी मस्जिद कमेटी ने सीजीआई खेहर की बात मानने से इंकार कर दिया है। कमेटी के ज्वॉइंट कंवीनर डॉ एसक्यूआर इलयास ने कहा, ‘हम लोगों को सीजीआई की बात मंजूर नहीं है। इलाहबाद हाई कोर्ट पहले ही अपना निर्णय दे चुका है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को लगता है कि बातचीत का वक्त अब खत्म हो चुका है।’
#SupremeCourt asks Ram Mandir at #Ayodhya to be solved Amicably, they should as well hand over Rapists, Terrorists & Criminals to Public.
— RGV (@RGVzoomined) March 21, 2017
The Honourable Supreme Court Can't decide on-
-Triple Talaq
-UCC
-Ram MandirDahi Handi..Ban karo
Cricket Board- Hum hain na chalne k liye— Paresh Rawal fan (@Babu_Bhaiyaa) March 21, 2017
Its unfortunate that #SupremeCourt washed it hands off Ram Mandir issue instead of resolving. SC rather chooses to intervene in festivals.
— Devika (@Deyveeka) March 21, 2017
Supreme Court could have said-We don't have power to give verdict on Ram Mandir. Only one who can decide on it is Arnab Goswami. Talk to him
— Paresh Rawal fan (@Babu_Bhaiyaa) March 21, 2017
.@Swamy39 excellent suggestion on #SupremeCourt order on Ram Mandir
Masjid be built across Saryu River & Ram Temple be built at Janmabhoomi pic.twitter.com/215PG0ojkM— Rosy (@rose_k01) March 21, 2017
https://twitter.com/Vaibhav_Fcb/status/844088510197841920
It's been just 2 days the new @UPGovt has formed and the effects are On.. Hon'ble Supreme Court ask to sit and mediate for #RamMandir ! pic.twitter.com/H1fWoWSy7F
— Tanmay Shankar ?? (@Shanktan) March 21, 2017
https://twitter.com/SZaidHamid/status/841482686183157760
@narendramodi177 @AmitShah Go only for vikash n take action on gundas n corrupt officers. Expedite for supreme court decision for Ram mandir
— Binod Sethi (@binod_sethi) March 11, 2017
Supreme Court plz deliver your judgement on Babri-RamMandir case,at least few can see decision in their lifetime
— संजय शर्मा मोदी का परिवार ?? (@sharma__sanjay) March 4, 2017
https://twitter.com/RichaBly123/status/844267970884976642
"wo Ram Mandir issue ka kya hua?"
Supreme Court : NEW PHONE WHO DIS?
— Keh Ke Peheno (@coolfunnytshirt) March 21, 2017
