केंद्र सरकार द्वारा पारित इन कृषि कानूनों के विरोध में किसान पिछले सात महीनों से दिल्ली बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं। किसान नेता अब अपने आंदोलन को तेज करने के लिए संसद की ओर कूच करेंगे। किसान नेता राकेश टिकैत ने जानकारी दी है कि 22 जुलाई को 200 किसानों को लेकर वह संसद जाएंगे। उन्होंने पेगासस रिपोर्ट पर अपनी बात रखते हुए कहा कि सरकार हमारे भी फोन कर आती है टैप।
आज तक न्यूज़ चैनल के साथ बातचीत पर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने अपनी की शुरुआत करते हुए कहा कि, ‘ 22 जुलाई को 200 लोग संसद के बाहर जाएंगे वहां पर बैठेंगे और अपनी बात कहेंगे।’ अभी तक रैली के लिए अनुमति न मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उसका फैसला मंगलवार को हो जाएगा। हम तो केवल 200 आदमी जा रहे हैं जब 25 लाख लोग गए और कुछ नहीं किया तो 200 लोग क्या ही कर लेंगे। क्या हम हंगामेदार आदमी लग रहे हैं कि वहां हंगामा काटते हुए जाएंगे।
रिपोर्टर ने उनसे सवाल पूछा कि संसद में केवल दो ही मुद्दे विपक्ष उठा रहा है एक किसान का मुद्दा और दूसरा फोन टैपिंग का मुद्दा? इसका जवाब देते हुए किसान नेता ने कहा कि हमारा मुद्दा ही नहीं केवल अपना भी मुद्दा उठा रहे हैं क्योंकि वह सभी किसान है। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने फोन टैपिंग के मुद्दे पर कहा कि, ‘ जहां तक फोन टैपिंग का मुद्दा है अगर फोन ले रखा है तो टैप तो होना ही है। हमारी भी फोन टैप होते हैं सब के हो रहे हैं।’
राकेश टिकैत ने फोन टैपिंग पर कहा कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है। रिपोर्टर ने सवाल पूछा कि क्या आप का भी फोन टैप होता है इस पर उन्होंने कहा कि हमारे भी होते हैं पूरे परिवार के होते हैं। जो संगठन में हमारे लोग हैं उन सब के फोन टैपिंग पर है।
राकेश टिकैत ने कहा, 22 जुलाई को 200 लोग संसद जाएंगे। फोन टैपिंग पर भी सुनिए क्या बोले @RakeshTikaitBKU @KumarKunalmedia की #ReporterDiary
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उन्होंने कहा कि सरकार से कोई बात छुप जाए कि क्या? उन्हें हमारे संगठन की सारी अंदरूनी बात पता है। फोन टैपिंग का क्या मतलब है किसी संगठन की जानकारी पुलिस प्रशासन को लेना है। उसके फोन और ट्विटर के माध्यम से सारी जानकारी उनके पास होती है। संभल कर बात करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारे संगठन में सिर्फ भीड़ इकट्ठा करने और खाने – पीने के इंतजाम की बात होती है इसलिए मुझे डरने की कोई जरूरत नहीं है।

