भारत के साथ 59,000 करोड़ रुपये के राफेल विमानों के सौदे को लेकर अब फ्रांस में न्यायिक जांच शुरू हो गई है। फ्रांस की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस मामले की जांच कर रहे जज फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद सहित कई नेताओं से पूछताछ कर सकते हैं। यहीं नहीं मौजूदा फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से भी इसे लेकर सवाल-जवाब किए जा सकते हैं। इसी मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेई ने हाल में ही एक ट्वीट किया जिसमें वह नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कसते नजर आ रहे हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि फ्रांस में अदालत चाहे तो राष्ट्रपति से पूछताछ भारत में प्रधानमंत्री चाहे तो किसी से भी पूछताछ।
पुण्य प्रसून बाजपेई के इस ट्वीट पर लोग अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। एक ट्विटर यूजर ने भारत की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लिखा कि, ‘भारत में अगर नेताओं से पूछताछ की व्यवस्था होती तो आज देश सचमुच सोने की चिड़िया होता।भारतीय राजनेताओं ने अपने हित के हिसाब से संविधान निर्माण, संशोधन किया है।’ @AnshulYadav टि्वटर हैंडल से कमेंट किया गया कि यहां तो जज राजनीति पार्टियां ज्वाइन कर रहे हैं अब आगे क्या कहें।
एक यूजर ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए लिखा कि हमारे यहाँ तो मोदी ही देश है। Navin Kumar नाम के ट्विटर यूजर लिखते हैं कि भारत का लोकतंत्र अपनी आखरी सांसे गिन रहा है। एक यूजर ने लिखा कि भारत मे भी था,लेकिन जब आपकी पार्टी काँग्रेस की पीएम इँदिरा गाँधी जब इलाहाबाद हाईकोर्ट मे बुलाई गयीं तो संविधान संशोधन उन्होंने ही किया था कि पीएम को कोर्ट मे नही बुलाया जा सकता।
@bhupat_khatri टि्वटर हैंडल से कमेंट किया गया कि पनामा पेपर में नवाब शरीफ नप गये। हमारे यहां पत्ता भी नही हिला? मोदी है तो मुमकिन हैं। एक यूज़र ने लिखा कि फ्रांस में राष्ट्रपति चाहे तो गली-गली में कार्टून। भारत में चाहे तो सर तनसे जुदा।
फ़्रांस में अदालत चाहे तो राष्ट्रपति से पूछताछ….
भारत में प्रधानमंत्री चाहे तो किसी से भी पूछताछ— punya prasun bajpai (@ppbajpai) July 4, 2021
एक यूजर ने उनके ट्वीट पर असहमति बताते हुए लिखा कि हां तो भारत का प्रधानमंत्री चाहा तभी तो गुजरात के मुख्यमंत्री से 9 घंटे पूछताछ हुई थी, यादाश्त कमजोर है क्या? बडी दिक्कत होने लगी पूछताछ से?
