प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक इंटरव्यू इन दिनों फिर से लोगों के सामने है। इसमें जाने-माने पत्रकार प्रभु चावला उनसे सवाल पूछ रहे हैं। देखने लायक यह है कि पीएम इस साक्षात्कार के दौरान एक सवाल पर गहरी चुप्पी साध गए। तकरीबन सात सेकंड तक वो प्रभु की आंखों में आंखें डालकर उन्हें देखते रहे। मोदी के ऐसे तीखे तेवर अख़्तियार करने की वजह दरअसल पश्चाताप से जुड़ा सवाल था। उनसे पूछा गया था कि ‘क्या वह किसी चीज़ के लिए पश्चाताप करने की ज़रूरत समझते हैं’ ? इसी सवाल के बाद उनके चेहरे के हाव-भाव अचानक बदल गए, ख़ामोशी के साथ वो लगातार सामने की तरफ़ घूरते रहे। उनकी चुप्पी को तोड़ने के मकसद से पत्रकार की उनसे कुछ बुलवाने की सभी कोशिशें नाकाम रहीं। जब किसी तरह मोदी ने अपनी क्रोधित मुद्रा नहीं बदली, तब आख़िर में प्रभु चावला ने अपने सवाल को विस्तार से संदर्भ के साथ उन्हें समझाया।
वीडियो में वो यह कहते दिखाई पड़ रहे हैं कि पश्चाताप का सवाल व्यक्तिगत जीवन से लेकर सरकार के फ़ैसलों और एक वक़्त पर उनके दिल्ली नहीं आने तक से संबंधित हो सकता है। इसके बाद हद से ज़्यादा गंभीर नज़र आ रहे प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर थोड़ी हलचल दिखी और उन्होंने यह कहकर जवाब दिया कि ‘गुजरात की जनता ने उन्हें काम करने के लिए चुना है, अगर काम करना भी गुनाह है तो मैं देश से माफ़ी मांगूंगा’। हालांकि, आख़िर में दोनों ने गर्मजोशी से हाथ मिलाएं।
यह वीडियो एक राष्ट्रीय टीवी चैनल का है। 2014 में प्रसारित इस कार्यक्रम के वक़्त नरेंद्र मोदी बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनाए गए थे। उस समय विपक्षी दल गुजरात दंगों के ज़रिये उनकी घेराबंदी कर रहे थे, माना जा रहा है कि पश्चाताप का सवाल भी दंगों से जुड़ा था जिसके चलते उन्होंने चुप्पी साध ली थी।
देखिए वीडियो
https://youtu.be/Uq6ccBSgjKc

