Corporate Privacy Debate: आज के कॉरपोरेट माहौल में वर्कप्लेस प्रेशर और कर्मचारियों की निजता (Privacy) को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर वायरल हुए एक पोस्ट ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कोई मैनेजर बीमार छुट्टी (Sick Leave) मंजूर करने के लिए कर्मचारी से उसकी लाइव लोकेशन मांग सकता है?

सिरदर्द की वजह से चाहिए थी छुट्टी

इस पोस्ट का शीर्षक था — “Is asking for live location okay?”। पोस्ट करने वाले यूजर ने बताया कि उसे तेज सिरदर्द के कारण एक अतिरिक्त दिन की बीमार छुट्टी चाहिए थी। जब उसने अपने मैनेजर से इसकी अनुमति मांगी, तो उसे HR से बात करने के लिए कहा गया। HR ने छुट्टी के समर्थन में दस्तावेज (Supporting Documents) मांगे।

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जब कर्मचारी ने यह बात अपने मैनेजर को बताई, तो मामला और अजीब हो गया। WhatsApp चैट के स्क्रीनशॉट्स के मुताबिक, मैनेजर ने दावा किया कि HR के निर्देश पर कर्मचारी की लाइव लोकेशन जरूरी है, ताकि छुट्टी प्रोसेस की जा सके। जब कर्मचारी ने इसका कारण पूछा, तो मैनेजर ने दोबारा यही कहा कि बिना लोकेशन के छुट्टी मंजूर नहीं होगी।

इस मांग से असहज महसूस कर रहे कर्मचारी ने Reddit पर सवाल किया कि अगर वह लाइव लोकेशन देने से इनकार करता है, तो क्या उसे किसी तरह की परेशानी या कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

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पोस्ट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। अधिकतर यूजर्स ने इसे निजता का खुला उल्लंघन बताया। कई लोगों ने सवाल उठाया कि सिरदर्द जैसी बीमारी के लिए आखिर कौन-सा वैध दस्तावेज दिया जा सकता है?

‘लोकेशन ट्रैक करने का अधिकार नहीं’

एक यूजर ने लिखा, “सिरदर्द के लिए कौन सा डॉक्यूमेंट चाहिए? क्या MRI रिपोर्ट दिखानी होगी?” वहीं दूसरे ने सलाह दी कि कर्मचारी को इस मांग को साफ तौर पर ठुकरा देना चाहिए, क्योंकि किसी भी नियोक्ता को कर्मचारी की लाइव लोकेशन ट्रैक करने का अधिकार नहीं है।

कुछ लोगों ने यह भी कहा कि बीमार छुट्टी का मकसद कर्मचारी को आराम देना होता है, न कि उस पर निगरानी रखना। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसी मांगें न केवल अव्यावहारिक हैं, बल्कि कार्यस्थल पर भरोसे की कमी को भी दर्शाती हैं। यह मामला अब सिर्फ एक कर्मचारी की परेशानी नहीं रहा, बल्कि कॉरपोरेट संस्कृति, कर्मचारियों के अधिकार और प्राइवेसी पर एक बड़ी बहस का कारण बन गया है।