ICC Cricket World Cup 2019:  आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 का घमासान शुरू हो चुका है। यह वर्ल्ड कप इंग्लैंड और वेल्स में खेला जा रहा है। वर्ल्ड कप के अपने पहले मैच में ही भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रिका को हराते हुए विजयी आगाज किया। पूरे भारत में इस जीत को लेकर शोर था तो वहीं मैच में धोनी के कीपिंग ग्लव्स पर बना बलिदान बैज भी ट्रेंड करने लगा था। धोनी के बलिदान बैज की चर्चा ना सिर्फ भारत में रही बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। लोगों की जहां इसे लेकर तारीफें मिलीं वहीं अब इस पर काफी विवाद बढ़ गया है। आईसीसी (ICC)  ने धोनी के बलिदान बैज पहनने पर आपत्ति जताई है और इसे हटाने को कहा है। आईसीसी के इस आपत्ति पर बीसीसीआई (BCCI) सहित देश के लोग धोनी का समर्थन कर रहे हैं। इस बाबत लोग सोशल मीडिया पर आईसीसी को काफी ट्रोल कर रहे हैं।

ट्रोल कर आईसीसी को लोग सलाह दे रहे हैं कि आप अपने काम से मतलब रखिए और अम्पायरिंग सुधारने पर फोकस करिए।

एक यूजर ने आईसीसी को उसके नियमों की तरफ इशारा करते हुए लिखा-‘आईसीसी के नियमों के अनुसार कोई धार्मिक, राजनीतिक लोगो नहीं लगा सकते। धोनी के ग्लव्स पर बना लोगो इस नियम में ही नहीं आता तो वह क्यों इस हटाने को कह रही है। यह हमारे देश के गर्व की बात है।’ इसके साथ ही एक और यूजर ने लिखा-‘पाकिस्तान मैदान के बीच नमाज पढ़ सकती है तो फिर धोनी ये बैज क्यों नहीं पहन सकते। अगली बार से भारतीय टीम को मैदान में पूजा की थाली ले जानी चाहिए।’

वहीं एक यूजर ने गेल को गलत आउट देने को लेकर आईसीसी को अंपायरिंग पर घेरते हुए लिखा-‘अंपायर गेल के विकेट पर नो बॉल देखने में असफल रही जबकि वह सारा ध्यान धोनी के बलिदान बैज पर लगाने में व्यस्त रही।’

बता दें कि बीसीसीआई ने आईसीसी को खत लिखकर जवाब दिया है। बीसीसीआई ने कहा कि धोनी ने कोई नियम नहीं तोड़ा है। बीसीसीआई की प्रशासकों की समिति (सीओए) के प्रमुख विनोद राय ने साफ कहा कि ‘धोनी विकेटकीपिंग के दौरान कृपाण चिह्न वाले दस्ताने पहनना जारी रख सकते हैं क्योंकि यह सेना से जुड़ा नहीं है। हमने आईसीसी से मंजूरी देने के लिये कहा है।’ राय ने कहा- ‘यह अर्द्धसैनिक बलों का चिह्न नहीं है इसलिए धोनी ने आईसीसी के नियमों का उल्लंघन नहीं किया है।’