Lockdown 2.0: 25 मार्च से जारी देशव्यापी लॉकडाउन को बढ़ाने का ऐलान हो चुका है। पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल से बढ़ाकर 3 मई तक की जाती है। अब 3 मई तक पूरे देश में लॉकडाउन रहेगा। हालांकि कुछ इलाकों में 20 अप्रैल के बाद छूट दी जा सकती है मगर सख्‍ती बरती जाती रहेगी। पीएम मोदी ने वर्तमान हालात की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार बुधवार तक नई गाइडलाइंस जारी कर देगी।

पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर सोशल मीडिया में मिली जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोगों को उम्मीद थी कि लॉकडाउन समाप्त किया जा सकता है। ऐसे लोगों को झटका लगा है। वहीं बहुत से लोग पीएम मोदी के लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के फैसले का समर्थन कर रहे हैं। कुछ लोग लॉकडाउन बढ़ाने के फैसले पर पीएम मोदी की आलोचना भी कर रहे हैं।

लोगों की शिकायत है कि पीएम मोदी ने लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान तो कर दिया लेकिन लोगों तक राहत कैसे पहुंचाएंगे इसकी कोई जानकारी नहीं दी। वहीं कुछ लोगों ने ये भी लिखा कि पीएम मोदी ने इतनी सारी बातें कहीं लेकिन एक बार भी मजहब के नाम पर फैल रही नफरत को लेकर कुछ नहीं कहा।

कांग्रेस पार्टी की तरफ से कहा गया कि लॉकडाउन बढ़ाना जरूरत हो  सकती है लेकिन इससे निपटने के लिए रोडमैप तैयार करना होगा। उस रोडमैप के बारे में पीए मोदी ने कुछ नहीं कहा। कुछ लोग पीएम मोदी के उस दावे को भी गलत बता रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा कि हमने समय रहते कोरोना से निपटने के लिए जरूरी कदम उठा लिए थे। ऐसे कुछ यूजर्स का कहना है कि अगर जरूरी कदम उठा लिए गए थे तो फिर तबलीगी जमात वाली घटना कैसे हो गई।

 

बता दें कि पीएम मोदी ने लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ाने के ऐलान के साथ ही लोगों से 7 वचन भी मांगे। पीएम ने लोगों से अपील की कि, ‘वह अपने घर के बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। लॉकडाउन और सोशल डिस्टेनसिंग की लक्ष्मण रेखा का पूरी तरह पालन करें। अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।’

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