भाजपा के प्रवक्ता संबित पत्रा को लाइव डिबेट में असहज परिस्थितयों का सामना करना पड़ा जब इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के सदस्य इलियास शराफुद्दीन ने अजीबोगरीब टिप्पणी कर दी। दरअसल, ‘न्यूज इंडिया 18’ पर दलितों और मुसलमानों को लेकर बहस चल रही थी। इसमें संबित पात्रा के साथ इलियास भी पैनल में शामिल थे। इस दौरान मोदी सरकार में मुसलमानों के डरे-सहमे रहने की बात पर बहस शुरू हो गई थी। भाजपा प्रवक्ता अपनी बात रख रहे थे, लेकिन इलियास बीच में ही हस्तक्षेप करते हुए उलझ पड़े। उन्होंने भाजपा पर मंदिर-मस्जिद के नाम पर दंगा कराने का आरोप लगाया। संबित ने जब शांत रहने को कहा तो आईआरएफ के सदस्य ने कहा कि वह चिल्ला नहीं रहे हैं, बल्कि उन्हें जानवर से इंसान बना रहे हैं। इलियास ने तो यहां तक कह दिया कि डिबेट में आईएसआई के एजेंट बैठे हैं। इस पर संबित ने कहा, ‘ये लोग कह रहे थे कि नरेंद्र मोदी के कारण ये लोग डरे हुए हैं और पूरा देश एवं ये लोग खतरे में हैं।’ इस पर इलियास शराफुद्दीन ने कह बैठे कि डर गया तेल लेने। आईआरएफ के सदस्य ने कहा, ‘अरे…हम नहीं डरे हुए हैं। डर कर तुम लोग भागते हो। डर से तुम्हारी धोती गीली होती है, हमारी नहीं।’ संबित पात्रा ने इलियास के इस बयान पर सख्त ऐतराज जताया और टीवी एंकर से कहा कि ऐसे लोगों को टीवी डिबेट में नहीं बुलाना चाहिए। बता दें कि आईआरएफ जाकिर नाइक से जुड़ी संस्था है। नाइक पर आतंकवाद के लिए लोगों को भड़काने का आरोप है।
#AarPaar मुसलमानों के बाद दलितों को उकसाएंगे ओवैसी ?
डिबेट में एक-दूसरे से उलझे पैनलिस्ट @AMISHDEVGAN @sambitswaraj @Charanssapra @syedasimwaqar pic.twitter.com/nESLnchHUy— News18 India (@News18India) June 6, 2018
जाकिर नाइक ढाका हमले के बाद सुर्खियों में आए थे। हमले में शामिल एक आतंकी ने विवादास्पद इस्लामिक धर्म प्रचारक की बातों से प्रभावित होने की बात कही थी। इसके बाद भारत ने जाकिर के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। हालांकि, इंटरपोल ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को झटका देते हुए जाकिर नाइक को खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने से इनकार कर चुका है। इंटरपोल के इस फैसले पर नाइक ने खुशी जताते हुए कहा था कि मुझे ज्यादा खुशी होती अगर भारतीय एजेंसिया भी मुझे आरोपों से मुक्त कर देती। एनआईए ने दलील दी थी कि जाकिर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस इसलिए जारी नहीं किया गया, क्योंकि जब अपील की गई थी तब जाकिर के खिलाफ चार्जशीट फाइल नहीं हुई थी। दरअसल, ऑल इंडिया मजिलस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने दलितों और मुसलमानों के साथ चुनावी समीकरण बनाने की रणनीति तैयार की है। इसको लेकर मुसलमानों के ध्रुवीकरण की बात कही जाने लगी है। मालूम हो कि ओवैसी कई मसलों पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते रहे हैं।

