इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) सीजन-11 में गुरुवार (19 अप्रैल) को किंग्स इलेवन पंजाब ने सनराइजर्स हैदराबाद को 15 रन से हराकर लीग में अपनी तीसरी जीत दर्ज की। इस मुकाबले में करिश्माई विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल के दम किंग्स इलेवन पंजाब ने तीन विकेट पर 193 रन का विशाल स्कोर बनाया। गेल ने विस्फोटक अंदाज में खेलते हुए 63 गेंदों पर 104 रन की नाबाद शतकीय पारी खेली। उन्होंने महज एक चौका मारा लेकिन छक्के 11 उड़ाए। लीग में अपना दूसरा मैच खेल रहे गेल 11वें संस्करण में शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज हैं। आईपीएल के इतिहास में गेल का यह छठा शतक है। गेल के इस तूफानी शतक पर जहां दिग्गज क्रिकेटर्स इसकी तारीफ करते नहीं थक रहे वहीं सोशल मीडिया में आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरू को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल पिछले सीजन तक क्रिस गेल आरसीबी की तरफ से ही खेल रहे थे। इस बार के ऑक्शन में आरसीबी ने गेल को रिटेन नहीं किया। उनकी जगह टीम ने सरफराज को चुना। अब जब गेल का तूफानी खेल चालू है ऐसे में आरसीबी का सोशल मीडिया में खूब मजाक उड़ रहा है। लोग लिख रहे हैं कि गेल की जगह सरफराज को चुनना ठीक वैसे ही जैसे तनु की जगह दत्तो को चुनना। बचा दें कि तनु ऐर दत्तो बॉलीवुड फिल्म तनु वेड्स मनु रिटर्न्स की पात्र थीं।

 

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बता दें कि क्रिस गेल ने आईपीएल के इस सीजन का आगाज भले ही तूफानी अंदाज में किया हो लेकिन उनका सफर आसान नहीं था। इस सीजन के लिए खिलाड़ियों की नीलामी के वक्त तो ऐसा लग रहा था कि गेल बिना बिके ही रह जाएंगे और इस साल IPL नहीं खेल सकेंगे। महज 2 करोड़ रुपये के बेस प्राइस वाले गेल को कोई खरीदार ही नहीं मिल रहा था। ये तब जब मनीष पांडेय और केएल राहुल जैसे उभरते सितारे 11-11 करोड़ रुपये में बिक चुके थे।

पहले दिन गेल बिना बिके ही रह गए लेकिन दूसरे दिन पंजाब टीम की मालकिन प्रीति जिंटा ने 39 साल के इस खिलाड़ी पर दांव खेला और बेस प्राइस में ही गेल को खरीदा गया। माना जा रहा था कि गेल को खरीदने के पीछे टीम के मेंटर वीरेंद्र सहवाग का हाथ था। सहवाग खुद भी तूफानी बल्लेबाज रहे हैं ऐसे में वही थे जिन्हें इस छोटे फॉर्मेट में गेल की काबिलियत का असल अंदाजा था। इस तरह गेल पंजाब की टीम का हिस्सा तो बने लेकिन 2 शुरुआती मैचों में वह अंतिम 11 में जगह नहीं बना पाए।