हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के छात्र प्रतीक कंवल ने पीएम मोदी को एक खुला पत्र लिखकर उनके हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर दिए बयान पर ऐतराज जताया है। बता दें कुछ दिन पहले यूपी की रैली में पीएम मोदी ने जीडीपी के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा था कि हार्वर्ड से ज्यादा दम ‘हार्ड वर्क’ में है। प्रतीक कंवल ने अपने पत्र में लिखा कि अर्थशास्त्रियों और दुनिया के विश्वसनीय अकादमिक संस्थानों का मजाक उड़ाने से भारत दुनिया में अलग-थलग पड़ेगा। इससे देश को कोई फायदा नहीं होगा। प्रतीक ने अपने पत्र में लिखा कि भारत विविधताओं वाला देश है जिसके विकास के लिए लग दृष्टिकोण पेश करने वाले लोगों की जरूरत है। प्रतीक ने ये पत्र ऑनलाइन जारी किया था जो वायरल हो गया।

प्रतीक ने कहा कि पीएम मोदी एक चुनाव रैली में इस तरह की टिप्पणियां कर रही थी उसी समय केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा था कि छात्रों को भारत सरकार के साथ सहयोग करना चाहिए। प्रतीक ने दावा किया कि हार्वर्ड के कई पूर्व छात्र मोदी कैबिनेट में और पीएमओ में अहम पदों पर हैं। प्रतीक ने कहा कि पीएम की टिप्पणियां उनके जैसे भारतीयों को भारत से दूर करेंगी जो विदेश में पढ़ाई के बाद अपने देश में लौटना चाहते हैं।

प्रतीक ने अपने पत्र में खुद को एक राष्ट्रवादी बताया और कहा कि हम (evidence-based learning)सबूत के आधार पर सीखने की प्रवृत्ति में प्रशिक्षित हैं, जो नीतियों को बनाने और प्रभावी रूप से लागू करने में मदद करता है ताकि नोटबंदी जैसी आपदाओं से निपटा जा सके।

बता दें यूपी में चुनावी प्रचार में महाराजगंज की एक रैली में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली में कहा कि,” हार्डवर्क ज्यादा जरुर है ना कि हार्वर्ड की सोच। उस समय उस मोदी के इस हमले को भारत रत्न और नोबेल विजेता हार्वर्ड अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन से जोडा गया था क्योंकि सेन ने कहा था कि इन दिनों फैसले रिजर्व बैंक नहीं मोदी ले रहे हैं। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में अमर्त्य सेन ने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि इस फैसले( नोटबंदी) से देश में काला धन खत्म नहीं होगा। सेन ने साफ तौर पर कहा कि नोटबंदी का फैसला रिजर्व बैंक का नहीं बल्कि पीएम मोदी का था। रैली में बोलते हुए मोदी ने इकॉनमी के आंकड़ो के जरीए अपनी सरकार के फैसले को सही बताते हुए विरोधियों पर निशाना साधा।