गुजरात में पटेल आरक्षण के नेता हार्दिक पटेल मंगलवार को जमानत की शर्त पूरी करते हुए राज्‍य वापस लौट आए। गुजरात उच्च न्यायालय ने हार्दिक को जमानत देते हुए यह शर्त रखी थी कि वह अगले छह माह के लिए राज्य से बाहर रहेंगे। जिसके बाद पटेल ने राजस्‍थान के उदयपुर में छह महीने तक प्रवास किया था। गुजरात की सीमा में घुसने से पहले हार्दिक ने ट्वीट किया, ”गुजरात जा रहा हूं, गुजरात की धरा को नमन’। पटेल ने इसके साथ अपनी सेल्‍फी भी शेयर की थी। उनके इस ट्वीट पर उनके समर्थकों ने जहां उन्‍हें मुबारकबाद थीं, वहीं विरोधियों ने घेरने की कोशिश की। एक यूजर ने लिखा, ”स्‍वागत है मगर राजनैतिक मत होइएगा। फिर आप पक्‍का पटेलों का प्‍यार खो देंगे। अफवाह है कि आपने पैसे लिए हैं तो जवाब दीजिए।” देवीलाल नाम के शख्‍स ने लिखा कि ‘तू पाकिस्‍तान जा।” रोहित पटेल ने कहा, ”हार्दिक पटेल गुजरात को परेशान राज्‍य बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उम्‍मीद है कि पटेल इस बात को समझेंगे और इस बेवकूफ को फॉलो करना बंद करेंगे।”

इससे पहले हार्दिक ने दोपहर में रतनपुर सीमा से अपने गुजरात में प्रवेश किया पटेल समुदाय के सैकड़ों नौजवानों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह पटेल समुदाय की एक रैली को संबोधित करने के लिए साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर शहर के लिए रवाना हो गए। वहां पहुंचने पर हार्दिक ने अपने समुदाय के लिए न्याय पाने का संकल्प जताया। हार्दिक पटेल के नेतृत्व वाले पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) ने आज की रैली को ‘‘पटेल कोटा आंदोलन के दूसरे दौर की शुरूआत’’ के रूप में वर्णित किया है।

देखें सोशल मीडिया पर कैसे घिरे हार्दिक:

https://twitter.com/Devilalsaini2/status/821261240580403200

https://twitter.com/KatrodiyaParil/status/821245732443357184

https://twitter.com/cadexpt/status/821275613856206848

https://twitter.com/KatrodiyaParil/status/821246490895073280

हार्दिक ने पिछले साल गुजरात में आरक्षण की मांग को लेकर कई रैलियां की थी। इसके बाद 45 दिन तक चले आंदोलन में कई हिंसक प्रदर्शन भी हुए थे। इसमें 12 लोगों की जान भी गई थी। गुजरात पुलिस ने उन पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया था और वे नौ महीने तक सूरत जेल में रहे थे।

उच्च न्यायालय ने देशद्रोह के दो मामलों में और विसनगर विधायक के कार्यालय में हिंसा से जुड़े एक मामले में जमानत देकर हार्दिक की रिहाई का मार्ग प्रशस्त कर दिया था। उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार, हार्दिक को जेल से रिहाई के 48 घंटे के भीतर गुजरात छोड़ना था। हार्दिक रविवार (17 जुलाई) को जल्दी ही उदयपुर के लिए निकल गए थे।