उत्तर प्रदेश में भाजपा की बड़ी जीत के पीछे मुस्लिमों के समर्थन को अहम वजह माना जा रहा है। इस्लाम में ट्रिपल तलाक के मुद्दे को लेकर कई बीजेपी नेताओं ने चुनाव प्रचार के दौरान इसे खत्म करवाने का वादा किया था। अब यूपी में जीत मिली है तो माना जा रहा है कि सरकार इस बारे में कदम आगे बढ़ा सकती है। इसे लेकर मीडिया में बहस का दौर भी जारी है। ऐसी ही एक टीवी डिबेट में इस्लामिक विचारक मौलाना अंसार रज़ा आपे से बाहर हो गए। बीजेपी के संबित पात्रा, आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा और कांग्रेस की प्रियंका चतुर्वेदी के साथ बहस में रज़ा ने लगभग धमकी देते हुए कहा कि ‘आप (बीजेपी) हमारी शरियत पर हमला किया जाएगा तो हमने चूड़ियां थोड़ी पहनी हैं। हम देखते थोड़े ही रह जाएंगे।’ रज़ा के मुताबिक, ”मुस्लिम बहनों ने बीजेपी के बहकावे में आकर वोट दिया है, उन्हें समझ लेना चाहिए कि बीजेपी राम मंदिर के मामले पर हिंदुओं को बेवकूफ बना रही है। अब ये तीन तलाक में घुसना चाह रहे हैं। बीजेपी दूसरे के रास्ते में घुसने की कोशिश कर रही है।”
बीजेपी के संबित पात्रा ने रज़ा के लहजे की निंदा करते हुए केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर दायर किए गए एफिडेविट को पढ़कर भी सुनाया। इस पर रज़ा ने केशव प्रसाद मौर्या का बयान याद दिलाया जिन्होंने यूपी में जीत के बाद कहा था कि ‘तीन से चार दिन में बड़ा फैसला लेंगे।’ रज़ा ने कहा कि ढाई करोड़ मुस्लिम महिलाओं ने दस्तखत कर रखे हैं कि हम शरियत में कोई बदलाव नहीं सहेंगे।
आरएसएस के राकेश सिन्हा ने मौलाना रज़ा को जवाब देते हुए कहा कि ‘मुस्लिम महिलाओं ने आपके खिलाफ बग़ावत की है।’ इस पर रज़ा ने उनसे पूछा कि ‘आपको मुस्लिम औरतों से हमदर्दी है या शरियत के निजाम से दिक्कत है?’
मौलाना रज़ा ने योगी आदित्यनाथ के लिए मुख्यमंत्री आवास में हो रहे ‘शुद्धिकरण’ पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ‘अगर मुसलमानों से इतनी ही मोहब्बत है तो योगी जी के घर में जो शुद्धिकरण हो रहा है, उसकी जगह आज़ान करवा देते। उसमें आईएसआई के एजेंट रह रहे थे क्या?’

