कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह अपने ट्वीट को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। कई बार उनके निशाने पर प्रधानमंत्री मोदी ही होते हैं। इस कतार में सबसे ताजा मामला है इस शिवरात्री पर पीएम मोदी के भगवान शिव की मूर्ती के अनावरण का। इस महाशिवरात्रि के मौके पर तमिलनाडु के कोयंबटूर में प्रधानमंत्री मोदी के भगवान शिव की 112 फीट ऊंची प्रतिमा के अनावरण किया। कोयंबटूर के ईशा योग केंद्र में भगवान शिव की यह 112 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है जिसकी लिए एक भव्य कार्यक्रम में हिस्सा लेने पीएम मोदी भी पहुंचे। उन्होंने पहले शिवलिंग की पूजा की। फिर मंच से कुछ मिनट भाषण भी दिया। लेकिन दिग्विजय सिंह को पीएम मोदी का इस कार्यक्रम में शामिल होना पसंद नहीं आया और उन्होंने ट्वीट करके अपना विरोध भी जताया। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करके पूछा कि, ” क्या प्रधानमंत्री को ऐसे कार्यक्रम में जाना चाहिए।” दिग्विजय के इस कमेंट पर कांग्रेस यूजर्स खासे नाराज हो गए। कुछ ने उन्हें कांग्रेस के शासन में दिए जाने वाली इफ्तार पार्टी की याद दिलायी तो किसी ने कांग्रेस पर हिंदू विरोधी होने का ही इल्जाम लगा दिया। कई यूजर्स ने दिग्विजय सिंह के इस कमेंट को बीएमसी में मिली हार से जोड़ दिया।
इससे पहले कार्यक्रम में पहुंचे पीएम मोदी ने कहा, ‘यह (महाशिवरात्रि का पर्व) सतर्कता की इस भावना को दर्शाता है कि हमें प्रकृति का संरक्षण करना है और अपनी गतिविधियों को इस तरह ढालना है ताकि वे पारस्थितिकीय परिवेश के अनुकूल हो सकें। उन्होंने कहा कि भगवान शिव संसार में हर जगह है। योग की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि, “योग करने से एकात्मक की भावना पैदा होती है। मस्तिष्क, शरीर एवं बुद्धिमता के एकात्म, हमारे परिवारों और समाजों का एकात्म, साथ रहने वाले मनुष्यों, पशु-पक्षियों और वृक्षों के साथ एकात्म।
PM Modi unveils 112-foot tall Shiva statue in Coimbatore https://t.co/jF0lBWgBfy
-via @inshorts
Should PM participate in such a function?— Digvijaya Singh (@digvijaya_28) February 24, 2017
As a Rajya Sabha MP, @digvijaya_28 pls table a bill to strip elected representatives in leadership positions of right to practice religion?
— Monica Jasuja (@jasuja) February 24, 2017
https://twitter.com/ggiittiikkaa/status/835177170339303424
Absolutely right . They started this evil practice called as appeasement just to consolidate their vote bank.
— शांडिल्य विजय (मोदी का परिवार ) (@vijayktiwari57) February 25, 2017
then why PMO and Rashtrapati Bhavan should organise Iftaar parties ?… #कांग्रेसमुक्तभारत से कम कुछ भी मंजूर नहीं @inshorts
— धीरेन्द्र पाण्डेय 'ब्राह्मण' ?? (@itsdhirofficial) February 24, 2017
https://twitter.com/NaMoKsath/status/835126819602972672
https://twitter.com/Engineer_PKS/status/835155377520005121
.@digvijaya_28 No, instead he should wear different skull caps to attract minority's vote bank. pic.twitter.com/dfjOZULEks
— IAS Smoking Skills (@Smokingskills07) February 24, 2017

