Coronavirus: हजरत निजामुद्दीन में हुए तबलीगी जमात का मरकज आज चर्चा का विषय बन गया है। चर्चा का कारण बना है वहां सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बड़ी संख्या में लोगों का इकट्ठा होना और उन लोगों में से कई लोगों का कोरोना से संक्रमित होना। पुलिस द्वारा मना करने के बावजूद मरकज में करीब ढाई हजार जमाती इकट्ठा थे। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने निजामुद्दीन मरकज से जुड़े सात लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। सोशल मीडिया में भी जमातियों को लोगों के बड़े वर्ग की नाराजगी झेलनी पड़ रही है।
इन सबके बीच महिला पहलवान बबीता फोगाट के एक ट्वीट पर सोशल मीडिया में बवाल मचा हुआ है। कुछ लोग बबीता फोगाट के इस ट्वीट को आपत्तिजनक बताते हुए उन्हें ट्रोल कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोग उनकी बातों से सहमति जता रहे हैं। दरअसल बबीता फोगाट ने ये ट्वीट किया था-
देखते ही देखते ये ट्वीट सोशल मीडिया में टॉप ट्रेंड भी करने लगा। इस ट्वीट को अब तक करीब 27 हजार बार रिट्वीट किया जा चुका है तो वहीं इस पर 8 हजार से ज्यादा लोगों ने कमेंट भी किया। कमेंट करने वालों में बहुतों ने बबीता को ट्रोल करते हुए लिखा कि एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी से ऐसे ट्वीट की उम्मीद नहीं की जा सकती थी। वहीं कुछ ने लिखा कि तुम्हारी हर जीत में सबकी दुआ शामिल थी लेकिन तुमने आज उन दुआओं को बांट दिया।
दूसरी तरफ बहुत से यूजर्स ऐसे भी हैं जो बबीता के ट्वीट पर सहमति जताते हुए कमेंट में उनकी तारीफ कर रहे। कुछ यूजर्स ने तो बबीता फोगाट के इस ट्वीट के लिए उनपर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने तक की बात कर रहे हैं।
जब बबीता के ट्वीट पर बवाल ज्यादा बढ़ा तो उन्होंने अपनी सफाई में एक और ट्वीट किया। इस ट्वीट में बबीता ने लिखा- डॉक्टर, पुलिस, नर्स जो इस संकट के समय देश की ढाल बनकर खड़े हैं उन पर हमला करने वालों को और क्या संज्ञा दूं। इसमें मेरा किसी धर्म जाति विशेष के खिलाफ लिखने का कोई मकसद नहीं है। मैंने इस ट्वीट मैं सिर्फ कोरोना सेनानियों पर हमलावरों के खिलाफ लिखा है और आगे भी लिखती रहूंगी।
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