प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘राजऋषि’ बताकर बाबा रामदेव विरोधियों के निशाने पर आ गए हैं। सोशल मीडिया में भी रामदेव पर ताने मारे जा रहे हैं। हाल ही में गोवा प्रभारी पद से हटाए गए कांग्रेस महासचिव ने भी रामदेव पर तंज कसा है। दिग्विजय ने ट्विटर पर रामदेव को ‘चूरन, चटनी, चड्डी’ बेचने वाला तक बता दिया। गुरुवार (4 मई) को उन्‍होंने ट्वीट किया, ”फ़र्ज़ी पासपोर्ट फ़र्ज़ी डेग्री बनवाने वाला चूर्ण चटनी चड्डी बेंचने वाला भगवा वस्त्र धारी हो कर प्रमं को राज ऋषि के पद से सम्मानित कर रहा है।” इसके बाद उन्‍होंने लिखा, ”वाक़ई में भाई कलयुग आ गया। हे प्रभु एक बार फिर से अवतरित हो कर भारत को ऐसे लोगों से बचाओ।” रामदेव समेत प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए आगे उन्‍होंने कहा, ”पूर्व में राज ऋषि के पद से वाराणसी की विद्वत परिषद सम्मानित करती थी अब राम देव कर रहा है। क्या वाराणसी की विद्वत परिषद ने राम देव को अधिकृत किया है ? हे प्रभु धर्म की रक्षा करो।” कुछ ही देर बाद उन्‍होंने केंद्र सरकार पर सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए ट्वीट किया, ”चुनाव के पहले मोदी- “ना खाऊँगा ना खाने दूँगा” और अब “खाने वाले के ख़िलाफ़ जो आवाज़ उठायेगा उसके ख़िलाफ़ सीबीआई कार्यवाही करेगी” कलयुग है!”

ट्विटर पर दिग्विजय सिंह मोदी समर्थकों के निशाने पर रहते हैं। इन ट्वीट्स पर भी उन्‍हें ट्रोल किया गया। कुछ लोगों ने दिग्विजय के बयान का मजाक उड़ाते हुए चुटीले ट्वीट किए। देखें यूजर्स की प्रत‍िक्रियाएं।

https://twitter.com/nshuklain/status/859948931056271362

https://twitter.com/bhaiya_gajodhar/status/859945324298866688

https://twitter.com/bhaiya_gajodhar/status/859949137793515520

https://twitter.com/Dpandey92/status/859950770757808129

बाबा रामदेव ने बुधवार को हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ स्थित पतंजलि रिसर्च इंस्टिट्यूट के उद्घाटन के मौके पर मोदी को राष्‍ट्रऋषि बताया था। पतंजलि की ओर से बुधवार को जारी एक विज्ञापन में नरेंद्र मोदी के बारे में लिखा गया, ”राष्ट्र के गौरव जिनमें भारत के सवा सौ करोड़ भारतीय अपने स्वर्णिम भविष्य का सपना देखते हैं, जो दिव्य और भव्य भारत बनाने में अखंड-प्रचंड पुरुषार्थ कर रहे हैं। इस राष्ट्र को ऋषि के रूप में भगवान के एक वरदान मिले हैं।”

कार्यक्रम में रामेदव के इस कदम के जवाब में पीएम मोदी ने कहा, ”मुझे पता नहीं था, बाबा ने सरप्राइज दे दिया। बड़ी भावुकता के साथ मुझे विशेष सम्मान से आभूषित किया और अलंकृत किया। मैं बाबा और पूरे पतंजलि परिवार का आभार व्यक्त करता हूं। मैं भलीभांति समझता हूं कि जब आपको सम्मान मिलता है तो उसका मतलब होता है कि आप से ये-ये प्रकार की उम्मीदें है और इसको पूरा करो। एक प्रकार से मेरे सामने, मुझे क्या करना चाहिए और कैसे करना चाहे इसका Do and Dont का दस्तावेज गुरुजी (रामदेव) ने रख दिया है।”