उत्तर प्रदेश चुनाव में सभी राजनीतिक पार्टियों और नेताओं की भाषणों में तल्खी बढ़ती जा रही है। अब तक सभी पार्टियों के दे दूसरे श्रेणी के नेता विवादास्पद भाषण दे रहे थे। लेकिन पिछले कुछ दिनों में पार्टियों की पहली कतार के नेताओं के भाषणों पर ही विवाद बढ़ता दिख रहा है। दो दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी का कब्रिस्तान- श्मशान बयान के बाद सोमवार को अखिलेश ने गुजरात के गधों की जिक्र कर दिया। इससे अलग प्रधानमंत्रई मोदी ने एक रैली में बहुजन समान पार्टी को बहनजी संपत्ति पार्टी कह कर संबोधित किया। मोदी ने बुंदेलखण्ड क्षेत्र में आने वाले उरई में आयोजित चुनावी सभा में कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकार में पूरे बुंदेलखण्ड में सब कुछ तबाह हो गया है। बुंदेलखण्ड के लिये उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव एक बहुत बड़ा फैसला है। उसे तय करना है कि सपा, बसपा के चक्कर से निकलना है कि नहीं। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने बुंदेलखण्ड को बाकी सब कुछ दिया लेकिन जनता ने प्रदेश में ऐसी सरकारें बनायी हैं, जिन्होंने इस क्षेत्र को तबाह कर दिया है।

सपा, बसपा, कांग्रेस सभी एक ही सिक्के के अलग-अलग पहलू हैं……. वे एक ही थैली के चट्टे बट्टे हैं। इसके जवाब में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने बसपा को ‘बहनजी सम्पत्ति पार्टी’ करार देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार करते हुए उन्हें ‘नेगेटिव दलित मैन’ बताया और कहा कि मोदी को दलितों द्वारा थोड़े-थोड़े आर्थिक सहयोग से अपने आंदोलन को बढ़ाया जाना अखर रहा है। मायावती ने सुलतानपुर में आयोजित चुनावी सभा में कहा ‘प्रधानमंत्री मोदी ने उरई में एक रैली में बसपा को ‘बहनजी सम्पत्ति पार्टी’ बताया है। मोदी पूरे प्रदेश में बसपा के बढ़ते जनाधार को देखकर इतने दुखी हैं कि वह उसकी परिभाषा को गलत तरीके से बताकर जनता को गुमराह बता रहे हैं। मोदी जुमलेबाजी करने में माहिर हैं। उन्हें जवाब जैसे को तैसा मिलेगा तो जुमलेबाजी करना भूल जाएंगे।’ ट्विट पर पिछले पांच सालों में उत्तर प्रदेश में हुए सांप्रदायिक तनाव को आधार बनाकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी गठबंधन को जिहादी एलाइन्स करार दिया।

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